सब मिल कर हवन करें
सब मिल कर हवन करें
घर घर में हवन करें
हवन से सुरभित घर हो
ऐसा यतन करें
सब मिल कर हवन करें
देवयज्ञ दान संगति
मिल कर के रहना
यज्ञ है शिल्प कला भी
ऋषियों का कहना
सब मिल कर हवन करें
यज्ञ ही उत्तम कर्म है
सब सुखी करे प्राणी
यज्ञ केन्द्र पृथ्वी का
कहे वेद वाणी
सब मिल कर हवन करें
प्राण इदन्न मम है
आत्मा है स्वाहा
यज्ञ का सार सुगन्धि
सभी करे वाह वाह !!
सब मिल कर हवन करें
सामग्री की शक्ति अग्नि
सहस्त्र गुना करती
पुष्टिमय मधुर सुगन्धित
सब रोगों को हरती
सब मिल कर हवन करें
पञ्च महायज्ञ करना
मनु जी ने बतलाये
श्रद्धा से जो करता
वांछित फल पाये
सब मिल कर हवन करें
अग्निहोत्र करने से
देव प्रसन्न रहते
सुख समृद्धि आती
ऋषि मुनि कहते
सब मिल कर हवन करें
शुद्ध गगन जल वायु
निर्मल जल बरसे
अन्न धन की हो वृद्धि
सब का मन हर्षे
सब मिल कर हवन करें
श्रद्धा प्रेम भक्ति से
हम सब हवन करें
श्रेष्ठ कर्म कर, “धर्मधर”
जीवन सफल करें
सब मिल कर हवन करें
सब मिल कर हवन करें
घर घर में हवन करें
हवन से सुरभित घर हो
ऐसा यतन करें
सब मिल कर हवन करें










