रङ्ग (रंग) रङ्ग रङ्ग मेरा चोला रङ्ग दे
रङ्ग (रंग) रङ्ग रङ्ग मेरा चोला रङ्ग दे
रङ्ग रङ्ग रङ्ग
कई जन्मों से मैं ना रंग्या
भक्ति वाला रङ्ग दे
रङ्ग रङ्ग रङ्ग मेरा चोला रङ्ग दे
बिछड़ गई मैं ममता की मारी
युग युग बीते आई न बारी
सङ्ग (संग) सङ्ग सङ्ग महापुरुषों का सङ्ग दे
रङ्ग रङ्ग रङ्ग मेरा चोला रङ्ग दे
रङ्ग रङ्ग रङ्ग
कई जन्मों से मैं ना रंग्या
भक्ति वाला रङ्ग दे
रङ्ग रङ्ग रङ्ग मेरा चोला रङ्ग दे
प्रभु जी सच्चा रङ्ग रंगा दो
दिव्य अमृत का पान करा दो
दंग दंग दंग दुनिया को दंग कर दे
रङ्ग रङ्ग रङ्ग मेरा चोला रङ्ग दे
रङ्ग रङ्ग रङ्ग
कई जन्मों से मैं ना रंग्या
भक्ति वाला रङ्ग दे
रङ्ग रङ्ग रङ्ग मेरा चोला रङ्ग दे
ऋषि मुनियों ने है रङ्ग रंगिया
दर तेरे वर मेधा का मंगिया
भङ्ग (भंग) भङ्ग भङ्ग पाप कर भङ्ग दे
रङ्ग रङ्ग रङ्ग मेरा चोला रङ्ग दे
रङ्ग रङ्ग रङ्ग
कई जन्मों से मैं ना रंग्या
भक्ति वाला रङ्ग दे
रङ्ग रङ्ग रङ्ग मेरा चोला रङ्ग दे
सत्यम् शिवम् सुन्दरम् तेरा सागर
रङ्ग न रङ्गाया प्रभु गुण गा कर
उमङ्ग उमंऽऽग प्रेम की उमङ्ग दे
रङ्ग रङ्ग रङ्ग मेरा चोला रङ्ग दे
रङ्ग रङ्ग रङ्ग
कई जन्मों से मैं ना रंग्या
भक्ति वाला रङ्ग दे
रङ्ग रङ्ग रङ्ग मेरा चोला रङ्ग दे










