डोले जीवन की नैया
डोले जीवन की नैया
पार लगा दे खिवैया
बार-बार तुझे पुकारा
माँझी बन जा हमारा
डोले जीवन की नैया
जीवन भर द्वेष किया
बदले में द्वेष लिया
शत्रुता जागी मन में
दु:ख ने तड़पाया जिया
दुष्कृत का सिन्धु उमड़ा
द्वेष ने ही डुबोया
बार बार तुझे पुकारा
माँझी बन जा हमारा
डोले जीवन की नैया
डूबने के भय से आखिर
उद्विग्न यह मन जागा
और पूज्य ‘पप्रि’ पिता को
आवाहन करने लागा
प्रभु सहायक बन गए
क्षुद्रता को दूर किया
बार बार तुझे पुकारा
माँझी बन जा हमारा
डोले जीवन की नैया
‘पुरुहूत’ दक्ष ईश्वर
सुन ले हमारी पुकार
शरण रूपी नाव बढ़ा ले
द्वेषों से कर दे पार
कुशल-क्षेम प्रेम को पाएँ
सात्विक दो सम्पदा
बार बार तुझे पुकारा
माँझी बन जा हमारा
डोले जीवन की नैया
पा ही जो लिया सहारा
निर्भीक बन गए हम
परिपूर्ण प्रेम जो पाया
विस्तृत हुआ हृदय-मन
द्वेष की वासना अब
ठहरेगी कैसे भला?
बार-बार तुझे पुकारा
माँझी बन जा हमारा
डोले जीवन की नैया
पार लगा दे खिवैया
बार-बार तुझे पुकारा
माँझी बन जा हमारा
डोले जीवन की नैया










