ब्रेड पैकिट की, अगल-बगल वाली ब्रेड्स को
ब्रेड पैकिट की
अगल-बगल वाली ब्रेड्स को
बडे तो क्या,छोटे बच्चे भी
खाना पसंद नहीं करते
परिणामत: या तो ये
गाय,सूअर व कुत्तों को
खिलायी जाती है
या कूडेदान मे फैकी जाती है
या ज्यादा ही हुआ तो
किसी भूखे नंगे को
इस अहम् के साथ दे दी जाती है
कि ये हमारे खाने योग्य नहीं।
क्या कसूर है
इन अगल-वाली ब्रेड्स का
यही ना
इन्होंने बीच वाली ब्रेड्स को
पूरा सहारा देते हुऐ
बाहरी तेज तफोडो से
बचाते हुऐ स्टील की गर्म ट्रे से
चिपकते रहने के कारण
अपनी पीठ को बदसूरत कर लिया।
बाबजूद इसके कि
बीच वाली ब्रेड्स और ये
अगल वाली ब्रेड्स
एक ही गूंथे हुए
आटा व मैदा से
एक ही समान प्रक्रिया से
बनी हुई है।
जब सहारा प्राप्त करने वाले
अपने सहारादाताऔ
माता-पिता जैसो को
अपने जीवन से
दर-किनार कर देते है तो
इन अगल-बगल वाली ब्रेड्स
के साथ किये जाने वाला वर्ताव
याद आने लगता है।
इन सहारा देने वालो का भी
यही कसूर है ना
कि इन्होंने इन अगल-बगल
वाली ब्रेड्स की तरह
बाहरी वातावरणजन्य
कष्टों को झेल कर भी
इन लोगो को
पाला पोषा और
आगे बढाया है।










