प्रभु मेरे जीवन को कुन्दन बना दो

0
1228

प्रभु मेरे जीवन को कुन्दन बना दो

प्रभु मेरे जीवन को कुन्दन बना दो
कोई खोट इसमें रहने न पाये

सुनहरी हो दुनिया मेरी नाथ इतनी
कोई पाप इसमें न आके समाये

प्रभु मेरे जीवन को कुन्दन बना दो
कोई खोट इसमें रहने न पाये

करो मेरे जीवन में ऐसा उजाला
हर इक साँस हो तेरे चिन्तन की माला (1)
मेरे दिल की दुनिया को इतना बदल दो
कि दुनिया तेरी मुझको दिल से लगाये
सुनहरी हो दुनिया मेरी नाथ इतनी
कोई पाप इसमें न आके समाये
प्रभु मेरे जीवन को कुन्दन बना दो
कोई खोट इसमें रहने न पाये

घटाओं की रिमझिम पवन के तराने
लताओं का नर्तन और वृक्षों के गाने
नजर जिस तरफ जाये भगवान् मेरी
अमर ज्योति तेरी उधर मुस्कुराये
सुनहरी हो दुनिया मेरी नाथ इतनी
कोई पाप इसमें न आके समाये
प्रभु मेरे जीवन को कुन्दन बना दो
कोई खोट इसमें रहने न पाये

जगत् को मैं अपना परिवार समझूँ
परिवार को तेरा उपकार समझूँ
कुसँग लोभ अभिमान द्वेष और आलस्य
कोई इन में मुझको सताने न पाये
सुनहरी हो दुनिया मेरी नाथ इतनी
कोई पाप इसमें न आके समाये
प्रभु मेरे जीवन को कुन्दन बना दो
कोई खोट इसमें रहने न पाये