मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
जीवन में लगे ठोकर न कहीं
जाने अनजाने में भी मुझसे
अपकार किसी का हो न कहीं
मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
जीवन में लगे ठोकर न कहीं
उपकार सदा करता जाऊँ
दुनिया अपकार भले ही करे
बदनामी न हो जग में मेरी
कोई नाम भले ही दे न कहीं
मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
जीवन में लगे ठोकर न कहीं
तू ही एक ऐसा साथी है
दु:ख में भी साथ नहीं तजता
दुनिया प्यार करे न करे
खोऊँ तेरा भी न प्यार कहीं
मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
जीवन में लगे ठोकर न कहीं
जो तेरा बन कर रहता है
काँटों में गुलाब सा – खिलता है
कितने ही काँटे पाँव चुभे
पर फूल भी हो – काँटे न कहीं
मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
जीवन में लगे ठोकर न कहीं
मन हो मधु पूर्ण कलश मेरा
आँखों में ज्योति छलकती हो
तुमसे मधु पीने को ऐसा
जगता ही रहूँ सोऊँ न कहीं
मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
जीवन में लगे ठोकर न कहीं
मैं क्या हूँ – क्या मेरा पथ है
यह सत्य सदा मैं समझ सकूँ
इस सत्य पथ पर चलते चलते
मेरे पाँव थके, न रुके, न कहीं
मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
जीवन में लगे ठोकर न कहीं
जाने अनजाने में भी मुझसे
अपकार किसी का हो न कहीं
मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
जीवन में लगे ठोकर न कहीं
मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
जीवन में लगे ठोकर न कहीं
जाने अनजाने में भी मुझसे
अपकार किसी का हो न कहीं
मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
जीवन में लगे ठोकर न कहीं
उपकार सदा करता जाऊँ
दुनिया अपकार भले ही करे
बदनामी न हो जग में मेरी
कोई नाम भले ही दे न कहीं
मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
जीवन में लगे ठोकर न कहीं
तू ही एक ऐसा साथी है
दु:ख में भी साथ नहीं तजता
दुनिया प्यार करे न करे
खोऊँ तेरा भी न प्यार कहीं
मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
जीवन में लगे ठोकर न कहीं
जो तेरा बन कर रहता है
काँटों में गुलाब सा – खिलता है
कितने ही काँटे पाँव चुभे
पर फूल भी हो – काँटे न कहीं
मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
जीवन में लगे ठोकर न कहीं
मन हो मधु पूर्ण कलश मेरा
आँखों में ज्योति छलकती हो
तुमसे मधु पीने को ऐसा
जगता ही रहूँ सोऊँ न कहीं
मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
जीवन में लगे ठोकर न कहीं
मैं क्या हूँ – क्या मेरा पथ है
यह सत्य सदा मैं समझ सकूँ
इस सत्य पथ पर चलते चलते
मेरे पाँव थके, न रुके, न कहीं
मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
जीवन में लगे ठोकर न कहीं
जाने अनजाने में भी मुझसे
अपकार किसी का हो न कहीं
मुझे ऐसा बना दो मेरे प्रभु
जीवन में लगे ठोकर न कहीं










