मेरे गीत को सुनने वाले! हे परमेश्वर !

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मेरे गीत को सुनने वाले! हे परमेश्वर !

मेरे गीत को सुनने वाले!
हे परमेश्वर !
मेरे स्तोत्र और गीत सुनो
स्वीकार करो
हे परमेश्वर !
वर्षों से गीत सुनता आया
रस ना बचा रसागार भरो
हे परमेश्वर !

मैंने गीत बनाए स्तोत्र नए
प्रभु सुनकर मुझको प्यार करो
प्रभु प्यार करो
तेरी अमर काव्य रचना है प्रबल
तेरी अमर काव्य रचना
उसके आगे भला क्या हूँ मैं
मैं अबोध शिशु हूँ प्रभु फिर भी
मेरे भावोद्गार प्रभु सुन लो
हे परमेश्वर !
हे परमेश्वर !
मेरे स्तोत्र और गीत सुनो
स्वीकार करो
हे परमेश्वर !

श्रद्धा के पुष्प चढ़ाए हैं
उपकारों का भी स्मरण किया
झंकार हृदय की वीणा ने
झंकार हृदय की वीणा ने
किया आराधना को स्नेहासिक्त
हुए निनादित प्रणय जाप-स्वर
प्रणव स्वरों के भाव भरो
हे परमेश्वर
हे परमेश्वर !
मेरे स्तोत्र और गीत सुनो
स्वीकार करो
हे परमेश्वर !

जैसे सुन्दर वस्त्रों की है भेंट
वैसी रचना का है गीतोपहार
है आलाप सत्य शिव सुन्दर का
सत्य शिव और सुन्दर का
जैसी सुडोल रथ रचना है
वैसा रथ है मेरे गीतों का
इस निर्बाध जीवन-यात्रा को
उमंग-स्फूर्ति से भर दो
हे परमेश्वर
हे परमेश्वर !
मेरे स्तोत्र और गीत सुनो
स्वीकार करो
हे परमेश्वर !

तुम पूछोगे क्यों गीत रचा
तुमको ही रिझाने के ही लिए
ऐश्वर्यों का हूँ इच्छुक
ऐश्वर्यों का हूँ मैं इच्छुक
तुमको ही मनाने के ही लिए
जगत् के धन का क्या मैं करूँगा
तेरे ऐश्वर्य को वर्य कर दो
हे परमेश्वर
हे परमेश्वर !
मेरे स्तोत्र और गीत सुनो
स्वीकार करो
हे परमेश्वर !
वर्षों से गीत सुनता आया
रस ना बचा रसागार भरो
हे परमेश्वर !