प्रातः समय प्रभु गुणगान गाओ

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प्रातः समय प्रभु गुणगान गाओ

प्रातः समय प्रभु गुणगान गाओ
सन्ध्या हवन करो वरदान पाओ

पक्षी सभी चहचहाने लगे हैं
मिल कर मधुर गीत गाने लगे हैं
तुम अपना स्वर इनके स्वर में मिलाओ
सन्ध्या हवन करो वरदान पाओ
प्रातः समय प्रभु गुणगान गाओ

मस्ती में चलती – मचलती हवायें
जीवन का सन्देश देती दिशायें
भगवान् के भक्ति जल में नहाओ
सन्ध्या हवन करो वरदान पाओ
प्रातः समय प्रभु गुणगान गाओ

अज्ञान का मिट चुका है अन्धेरा
विज्ञान का हो गया है सबेरा
अनमोल अवसर न सो कर गवाओ
सन्ध्या हवन करो वरदान पाओ
प्रातः समय प्रभु गुणगान गाओ

उत्तम विचारों से उत्थान होगा
शुभ कर्म करने से कल्याण होगा
सबको “पथिक” धर्म पथ पर चलाओ
सन्ध्या हवन करो वरदान पाओ
प्रातः समय प्रभु गुणगान गाओ