चमका ले सोम मन को जैसे के चन्द्रमा

0
21

चमका ले सोम मन को जैसे के चन्द्रमा

चमका ले सोम मन को
जैसे के चन्द्रमा
तेजस्वी प्राण-आत्मा
मन में है बल बड़ा
चमका ले सोम मन को

जिस स्तर पे तू खड़ा है
आगे उसे बढ़ा
उच्च लक्ष्य कर निर्धारित
उसे लक्ष्य तक पहुँचा
चमका ले सोम मन को

दुर्भावना से विकृत
मन को सवारना
निज आत्मबल से जग को
देता जा प्रेरणा
चमका ले सोम मन को

‘स्वर्विद’ समाज का हो
और राष्ट्र, विश्वभर का
एकात्मता-आनन्द की
सरिता सरस बहा
चमका ले सोम मन को

राजाधिराज इन्द्र की
भक्ति करते जा
मिलेगी अपार शक्ति
पलटा जग की काया
चमका ले सोम मन को
जैसे के चन्द्रमा
तेजस्वी प्राण-आत्मा
मन में है बल बड़ा
चमका ले सोम मन को