हे प्रभु !! करिए दया
हे प्रभु !! करिए दया
भटके हुए हम
पथ दिखला
धन यौवन में मस्त हुए हम
अँधियारों में घिरे रहे
दीप ज्ञान का नहीं जलाया
मोह माया में फँसे रहे
तेरे नाम का अमृत प्याला
(छोड़)
तृष्णा का ही जहर पिया
हे प्रभु !! करिए दया
भटके हुए हम
पथ दिखला
हम अधमों को शरण में ले लो
तुम हो करुणा के सागर
जगत् पिता तुम परम सहारे
इस जीवन को पावन कर
हर युग में अधमों का प्रभु जी (1)
तुमने ही उद्धार किया (1)_
हे प्रभु !! करिए दया
भटके हुए हम
पथ दिखला
इतना वर दे दो वरदानी
ये मन कहीं भटक न पाये
नाम भजन को कभी न भूलें
तुझमें ही नित रम जाये
अपनी भक्ति की शक्ति दो
मैं निर्बल असहाय हुआ
हे प्रभु !! करिए दया
भटके हुए हम
पथ दिखला
हे प्रभु !! करिए दया
भटके हुए हम
पथ दिखला










