प्रभु मन के मन्दिर में ही पाईयेगा
प्रभु मन के मन्दिर में ही पाईयेगा
उसे ढूँढने अब कहाँ जाईयेगा
न देखा हो जिसने वो दुनिया को देखे
इसे देख कर ही समझ जाईयेगा
कैसी अद्भुत, प्रभु तेरी माया
जिस तरफ देखा, तू नजर आया
कैसी अद्भुत, है ये तेरी माया
जल में, थल में, पाताल में, नभ में
हर दिशा में, है तू ही तू छाया
जिस तरफ देखा, तू नजर आया
कैसी अद्भुत, है ये तेरी माया
भूल बैठा हूँ जब से मैं तुझको
अपने को दु:ख में ही घिरा पाया
जिस तरफ देखा, तू नजर आया
कैसी अद्भुत, है ये तेरी माया
मेरा जीवन सँवारो मेरे पिता
सबको तज कर तेरी शरण आया
जिस तरफ देखा, तू नजर आया
कैसी अद्भुत, है ये तेरी माया
सारी दुनियाँ की ठोकरें खा कर
ओ३म् के जाप में ही सुख पाया
जिस तरफ देखा, तू नजर आया
कैसी अद्भुत, प्रभु तेरी माया










