आज मिल सब गीत गाओ
आज मिल सब गीत गाओ
उस प्रभु के धन्यवाद
जिसका यश नित गाते हैं
गन्धर्व मुनिजन धन्यवाद
आज मिल सब गीत गाओ
उस प्रभु के धन्यवाद
जिसका यश नित गाते हैं
गन्धर्व मुनिजन धन्यवाद
मन्दिरों में कन्दरों में
पर्वतों के शिखर पर
देते हैं लगातार
सौ-सौ बार मुनिवर धन्यवाद
आज मिल सब गीत गाओ
उस प्रभु के धन्यवाद
करते हैं जङ्गल में मङ्गल
पक्षी गण हर शाख पर
पाते हैं आनन्द मिल
गाते हैं स्वर भर धन्यवाद
आज मिल सब गीत गाओ
उस प्रभु के धन्यवाद
कुएँ में तालाब में
सिन्धु की गहरी धार में
प्रेमरस में तृप्त हो
करते हैं जलचर धन्यवाद
आज मिल सब गीत गाओ
उस प्रभु के धन्यवाद
जिसका यश नित गाते हैं
गन्धर्व मुनिजन धन्यवाद
शादियों में जलसों में
यज्ञ और उत्सव में आदि
मीठे स्वर से चाहिए
करें नारी-नर सब धन्यवाद
आज मिल सब गीत गाओ
उस प्रभु के धन्यवाद
गान कर “अमीचन्द”
भजनानन्द ईश्वर की स्तुति
ध्यान धर सुनते हैं श्रोता
कान धर धर धन्यवाद
आज मिल सब गीत गाओ
उस प्रभु के धन्यवाद
जिसका यश नित गाते हैं
गन्धर्व मुनिजन धन्यवाद










