तुम मेरे जीवन के धन हो
तुम मेरे जीवन के धन हो
और प्राण आधार हो
एक तुम दाता दयालु
सबके पालनहार हो
तुम मेरे जीवन के धन हो
और प्राण आधार हो
जागते सोते कभी भी
मैं तुम्हें भूलूँ नहीं
भेष दो राजा का मुझको
या गले कन्ट हार हो
तुम मेरे जीवन के धन हो
और प्राण आधार हो
जप रहे तेरा नाम पंछी
गीत गाती है पवन
रङ्ग रहे रङ्गों से जग को
अजब रचनाकार हो
तुम मेरे जीवन के धन हो
और प्राण आधार हो
जिन्दगी की नाव मैंने
सौंप दी प्रभु आपको
तुम डुबाओ या बचाओ
मेरे खेवनहार हो
तुम मेरे जीवन के धन हो
और प्राण आधार हो
एक तुम दाता दयालु
सबके पालनहार हो
तुम मेरे जीवन के धन हो
और प्राण आधार हो
स्वर :- श्री विशाल आर्य










