ऐ पाप ! मुझको छोड़ देतो चैन आ जाए

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ऐ पाप ! मुझको छोड़ देतो चैन आ जाए

ऐ पाप ! मुझको छोड़ दे
तो चैन आ जाए,
चैन आ जाए
जब तक मैं तेरे वश में था
दु:ख दर्द ही पाए

प्रभु के नियम से कर्मों के,
तद्रूप फल पाए,
तद्रूप फल पाए,
दु:ख में तो ईश्वर भक्त को,
सही राह दिखाए,
सही राह दिखाए,


प्रभु प्रेरणायें भक्त को,
निष्पाप बनाए,
निष्पाप बनाए,
जब तक मैं तेरे वश में था
दु:ख दर्द ही पाए


ऐ पाप ! मुझको छोड़ दे
तो चैन आ जाए,
चैन आ जाए
जब तक मैं तेरे वश में था
दु:ख दर्द ही पाए

ऐ पाप! तेरे सङ्ग में,
ना इतना भटकता,
ना इतना भटकता,
फिर क्या भला है,


क्या बुरा है ,
कैसे समझता,
कैसे समझता,
प्रतिपक्ष के इन भावों से,
अब पुण्य ही भाये,
अब पुण्य ही भाये,


जब तक मैं तेरे वश में था
दु:ख दर्द ही पाए
ऐ पाप ! मुझको छोड़ दे
तो चैन आ जाए,
चैन आ जाए
जब तक मैं तेरे वश में था
दु:ख दर्द ही पाए

जितना गिराया गर्त में,
उतना ही उठा दे,
उतना ही उठा दे,
प्रभु प्रेरणायें भर भर के,
तू मुझको जगा दे,
तू मुझको जगा दे,


स्थिर कर दे पुण्य-लोक में,
कल्याण हो जाए,
कल्याण हो जाए,
जब तक मैं तेरे वश में था
दु:ख दर्द ही पाए


ऐ पाप ! मुझको छोड़ दे
तो चैन आ जाए,
चैन आ जाए
जब तक मैं तेरे वश में था
दु:ख दर्द ही पाए