काबिल बनूँ काबिल, खुशी से मैं रहूँ खिल के

0
36

काबिल बनूँ काबिल, खुशी से मैं रहूँ खिल के

काबिल बनूँ काबिल,
खुशी से मैं रहूँ खिल के,
करूँ सत्य को धारण,
ऐसी शक्ति दे,


रहे ना तुझसे दूरी,
ऐसी प्रीत भर दे,
तेरा प्रेम करूँ मैं हासिल,
खुशी से रहूँ मैं खिलके,
काबिल बनूँ काबिल

पाप की लगे ना घुन,
हो ना काठ सा जीवन,
होवे शुद्ध ही आचरण,
शुद्ध तन मन व धन,


अनमन ना हो मन, ना वृजिन,
विषय वासना में होगे ना आसीन,
संतुलित मन हो अशिथिल
हर पल
साफ दिल
काबिल बनूँ काबिल

आचरण ऐसा होवे शुद्ध,
जैसे यह शुद्ध चाँदनी,
पाप या पापाभासों की,
ना होवे खलबली,


माँग प्रभु से बल प्रार्थी बन,
थाम ले तू उसका आँचल,
बन प्रभु का प्यारा काबिल,
अदोखिल,
साफ दिल,
काबिल बनूँ काबिल,
खुशी से मैं रहूँ खिल के,
करूँ सत्य को धारण,
ऐसी शक्ति दे,


रहे ना तुझसे दूरी,
ऐसी प्रीत भर दे,
तेरा प्रेम करूँ मैं हासिल,
खुशी से रहूँ मैं खिलके,
काबिल बनूँ काबिल