ऐ मनुज ! जो चाहते सुख- शान्ति पाना जगत् में
ऐ मनुज ! जो चाहते सुख
शान्ति पाना जगत् में
बन्धनों को त्याग कर
भगवान् पूजन सीख लो
ऐ मनुज ! जो चाहते सुख
शान्ति पाना जगत् में
लोक में भेजे गये तुम
कर्म करने के लिए
भोग योनि वासना को
त्याग योगी हो लो
ऐ मनुज ! जो चाहते सुख
शान्ति पाना जगत् में
बाल तरुण जीर्ण काल
ना गंवाओं व्यर्थ में
अन्त में आहे सुनाते
छोड़ सब कुछ जाये हो
ऐ मनुज ! जो चाहते सुख
शान्ति पाना जगत् में
बन्धनों को त्याग कर
भगवान् पूजन सीख लो
ऐ मनुज ! जो चाहते सुख
शान्ति पाना जगत् में










