यज्ञ के तन्तु से बन्धे ही रहना
यज्ञ के तन्तु से बन्धे ही रहना
देवों का मार्ग है प्यारा
देखो यह सूर्य चन्द्र, अग्नि, पृथ्वी
सम्वत्सर कर रहे यज्ञ उजियारा
आओ देवों का यह मार्ग सदा
रखें हम उघारा
यज्ञ के तन्तु से बन्धे ही रहना
इन सारे देवों के यज्ञ-पालन में
होता नहीं है व्यतिक्रम
ऐसे ही मन बुद्धि प्राणेन्द्रियों में
करें देव यज्ञ का शिव सङ्गठन
देवों का देव परमात्मा महादेव
करता ब्रह्माण्ड यज्ञ सारा
यज्ञ के तन्तु से बन्धे ही रहना
देवों का मार्ग है प्यारा
इस मार्ग पर यदि चलने का
मन है शक्ति को अपनी तोलो
इस पर भी यदि तुम स्थिर रह सकोगे
तब मार्ग चलने की सोचो
आत्मा है अग्रणी तेजपुंज ‘अध्वरी’
यज्ञ बिन ना उसका गुजारा
यज्ञ के तन्तु से बन्धे ही रहना
देवों का मार्ग है प्यारा
विद्वान् आत्मा है देव मार्ग-राही
ज्ञाता है सारे यज्ञों का
यज्ञ निष्पादन में उसकी कुशलता
उसको बना देती ‘होता’
भद्र जनों को ना हानि पहुँचाता
ऐसा अहिन्सक वो न्यारा
यज्ञ के तन्तु से बन्धे ही रहना
देवों का मार्ग है प्यारा
अध्वर यज्ञ रचाये शिवात्मा
हर ऋतु में कालानुसार
काल-अकाल विचारित यज्ञ ही
होता है भली प्रकार
आओ बने पथिप्रज्ञ इस यज्ञ के
जीवन सफल हो यज्ञ द्वारा
यज्ञ के तन्तु से बन्धे ही रहना
देवों का मार्ग है प्यारा










