चंचल मन नित ओ३म् जपा कर

0
104

चंचल मन नित ओ३म् जपा कर

चंचल मन नित ओ३म् जपा कर
ओ३म् जपा कर ओ३म्
पल-पल छिन-छिन
घडी-घडी निशदिन
ओ३म् जपा कर ओ३म्
चंचल मन नित ओ३म् जपा कर
ओ३म् जपा कर ओ३म्

प्रातः समय की शुभ वेला में
सन्ध्या की पुलकित रजनी में
मन मन्दिर में ज्योति जगा कर
ओ३म् जपा कर ओ३म्
चंचल मन नित ओ३म् जपा कर
ओ३म् जपा कर ओ३म्

गहरा सागर – टूटी नैया
जीवन तरनी – ओ३म् खिवैया
पाप कटेंगे जन्म जन्म के
ओ३म् जपा कर ओ३म्
चंचल मन नित ओ३म् जपा कर
ओ३म् जपा कर ओ३म्

सार तत्त्व की खोज किये जा
नाम सरस रस रोज पिए जा
मोह माया के तोड़ के बन्धन
ओ३म् जपा कर ओ३म्
चंचल मन नित ओ३म् जपा कर
ओ३म् जपा कर ओ३म्

चंचल मन नित ओ३म् जपा कर
ओ३म् जपा कर ओ३म्
पल-पल छिन-छिन
घडी-घडी निशदिन
ओ३म् जपा कर ओ३म्
चंचल मन नित ओ३म् जपा कर
ओ३म् जपा कर ओ३म्