हे जगत् पिता भगवान, हमें दो ज्ञान
हे जगत् पिता भगवान्
हमें दो ज्ञान
तू ईश्वर प्यारा
दुनिया में एक सहारा
बचपन में होश न आया है
जीवन में पाप कमाया है
अब जाओ कहाँ
विषयों ने मुझको मारा
दुनिया में एक सहारा
हे जगत् पिता भगवान्
हमें दो ज्ञान
तू ईश्वर प्यारा
दुनिया में एक सहारा
दिल मेरा तो यह कहता है
तू मन मन्दिर में रहता है
दिन रात भटकता रहा
मैं दर दर मारा
दुनिया में एक सहारा
हे जगत् पिता भगवान्
हमें दो ज्ञान
तू ईश्वर प्यारा
दुनिया में एक सहारा
पापों से भगवन् हमें बचा
वेदों का सच्चा भक्त बना
पाखण्ड झूठ से
सब ही किनारा
दुनिया में एक सहारा
हे जगत् पिता भगवान्
हमें दो ज्ञान
तू ईश्वर प्यारा
दुनिया में एक सहारा
मझदार में है बेड़ा मेरा
कृपा कर आश्रय है तेरा
“नन्दलाल” पाप में
बीता जीवन सारा
दुनिया में एक सहारा
हे जगत् पिता भगवान्
हमें दो ज्ञान
तू ईश्वर प्यारा
दुनिया में एक सहारा










