योगदर्शन प्रायोगिक प्रशिक्षण शिविर:गुजरात

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Yog Darshan prayogik prashikshan shivir Gujarat 2025

योगदर्शन प्रायोगिक प्रशिक्षण शिविर
(दिनांक: १९ जुलाई से २७ जुलाई २०२५)

(क) शिविर की विशेषताएँ

  1. पूर्ण गहन मौन
  2. योगदर्शन के प्रथम पाद का प्रायोगिक प्रशिक्षण
  3. विषय चिंतन, मनन से निर्णय, साक्षात्कार विधि का प्रशिक्षण
  4. विवेक संपत्ति का वर्धन
  5. ज्ञान संरक्षण के स्थायित्व का उपाय-बोध
  6. चित्त की एकाग्रता
  7. लघु, सात्विक और पुष्टिकारक भोजन

(ख) प्रवेशार्थी योग्यता

  1. अनुशासन प्रियता
  2. पूर्ण मौनानुकूल व्यवहार
  3. साधना प्रियता
  4. शारीरिक स्थिरता एवं किसी विशेष रोग का न होना
  5. योगदर्शन का विशेष स्वाध्याय

(ग) शिविर की आवश्यकताएँ

  1. साधारण परिधान
  2. बाह्य सम्पर्क न रखना
  3. कक्षाओं में समय पर (समय से पाँच मिनट पूर्व) पहुँचना
Yog Darshan prayogik prashikshan shivir Gujarat 2025

शिविर निर्देशक व प्रशिक्षक

  • स्वामी विवेकानन्द जी परिव्राजक
  • शिविर निरीक्षक व प्रशिक्षक: स्वामी वेदपति जी
  • व्यवस्थापक:आचार्य प्रियेश जी

शिविर दिनचर्या

प्रातः

  • ०४:०० – जागरण व मन्त्र पाठ
  • ०४:१५ – ०५:२५ – शौच, व्यायाम, स्नानादि
  • ०५:३० – ०६:३० – उपासना प्रशिक्षण
  • ०७:०० – ०८:०० – यज्ञ व वेद प्रवचन
  • ०८:१५ – प्रातराश
  • ०९:१५ – १०:१५ – योगदर्शन अध्ययन (प्रथम-पाद)
  • १०:३० – ११:३० – योगदर्शन प्रायोगिक प्रशिक्षण

मध्याह्नोत्तर

  • ११:३० – २:२५ – भोजन, विश्राम व चिन्तन
  • २:३० – ३:३० – चित्त परिकर्म व निदिध्यासन
  • ३:३० – ४:३० – श्रमदान
  • ४:३० – ५:३० – शौच, व्यायाम आदि

सायं

  • ५:३० – ६:३० – व्यक्तिगत उपासना
  • ६:४० – ८:१५ – भोजन, दुग्धपान आदि
  • ८:२० – ८:३० – श्लोक-भ्रमण
  • ८:३० – ९:१५ – आत्मनिरीक्षण, रात्रि मन्त्र-पाठ

(आवश्यकता व विशेष परिस्थितियों में दिनचर्या में परिवर्तन सम्भव है।)


शिविर स्थल एवं संपर्क विवरण

  • आयोजक: दर्शन योग महाविद्यालय, आर्य वन, रोजड (गुजरात)
  • स्थान: दर्शन योग धाम, संस्कृतिवन, लाकरोड़ा, ता. माणसा, गांधीनगर (गुजरात)
  • प्रवेश स्वीकृति: केवल दूरभाष के माध्यम से
  • सम्पर्क सूत्र: 9558889600 (सम्पर्क समय: मध्याह्न १२:०० से १:००)

Yog Darshan prayogik prashikshan shivir Gujarat 2025

शिविरार्थियों के लिए पालनीय आवश्यक निर्देश

(शिविर से पूर्व तक अपने निवास में ही रहते हुए)

  1. प्रतिदिन दोनों संध्या-समय में एक-एक घंटे ध्यान में समय लगाएँ अथवा न्यूनतम प्रातःकाल एक घंटा एवं सायंकाल आधा घंटा ध्यान करें।
  2. योगदर्शन के प्रथम पाद के 40 सूत्रों तक भाष्यसहित, प्रतिदिन कम से कम 1-2 सूत्रों का पाठ करें।
  3. सामान्य दिनचर्या में कम से कम एक घंटा मौन रहें और पढ़े हुए विषय का चिंतन-मनन करें।
  4. इन नियमों के पालन की लिखित स्वीकृति प्रदान करें।
  5. सप्ताह के प्रत्येक रविवार को नियमों के पालन की स्थिति की सूचना समूह में सन्देश के माध्यम से प्रेषित करें।

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