ये दिन हर महिना, बदला है जमाना

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ये दिन हर महिना, बदला है जमाना

हे-हे…हो-हो…ला-ला…
ये दिन हर महिना, बदला है जमाना,
नहीं किसी का ठिकाना हो ये दिन ।।
हे-हे-हो-हो…।।
ये चोला का नहीं ठिकाना,
जाये तो फिर से कभी न आना
दिन प्रति दिन प्रभु को जपना हो…।।
ये दिन हर महिना… ।।०।।

अन्तरा -जान किसी के नजर न आये,
उस को कोई देख न पाये ।
ये किसी के रोकने न रूके,
धड़कन किसी के बढ़ाये…।।
हर प्राणी को बैचेन दे के,
रात दिन रोये ओर रूलाए
ये चलाए किसी पे जादु,
दिल किसी के घबराए ।।
हे-हे-हो-हो-ला…।।
ये चोला है पुराना,
ये दिन हर महिना… ।।१।।

ये तो मानव है भोला भाला,
जो कुछ चाहे उसी को कर ले,
ये न सोचे अच्छा या बुरा,
काटों के विस्तर पे सोये ।
सारी बाते कानों से सुन के,
सारी कार्य कलाप करे ।
ये कभी ना विचार करे,
तन्हाई में जा के गिरे ।
हे-हे… हो-हो…ला…।।
सोचे हम रोजाना,
ये दिन हर महिना…।।२।।