यह विनती है आपसे

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यह विनती है आपसे

१. यह विनती है आपसे,
हे प्रभु सर्वाधार ।
नये वर्ष में हों सभी सुखी
सहित नये वर्ष की प्रार्थना

१. यह विनती है आपसे,
हे प्रभु सर्वाधार ।
नये वर्ष में हों सभी
सुखी सहित परिवार।।

२. संत समाजों के सदा,
दैनिक हो सत्संग।
सदग्रंथों के पठन की,
बढ़ती रहे उमंग।।

३. आडम्बर पाखण्ड का,
कभी न हो सत्कार।
सच्चे वैदिक धर्म को,
करे सभी स्वीकार ।।

४. शुभ कर्मों की कामना
होवे नित्य नवीन।
सदा आपकी भक्ति
में रहे सभी तल्लीन।।

५. पापी त्यागे पाप को,
चले न उलटी चाल।
अत्याचारी को सदा,
दण्ड मिले तत्काल ।।

६. नेता अपने देश के
हों त्यागी गुणवान।
निज स्वारथ की देश पर,
करें सदा बलिदान ।।

७. सबके घर में यज्ञ हों,
प्रातः सायं काल।
वर्षा होवे समय पर,
पड़े न कभी अकाल ।।