वैदिक परंपरा का महोत्सव — यज्ञोपवीत एवं वेदारंभ संस्कार
सनातन वैदिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में कार्यरत संत श्री ओधवराम वैदिक गुरुकुल, भवानीपुर (कच्छ-भुज, गुजरात) में इस वर्ष भी श्रावणी पर्व के पावन अवसर पर भव्य यज्ञोपवीत (जनेऊ) एवं वेदारंभ संस्कार का आयोजन किया जा रहा है।
स्थापना वर्ष 1993 से गुरुकुल ने श्यामजी कृष्ण वर्मा, संत ओधवराम जी, महर्षि दयानन्द सरस्वती और स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती जैसे महापुरुषों की वैचारिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बाल ब्रह्मचारियों में वैदिक ज्ञान, अनुशासन और संस्कार का संचार किया है।
तिथि एवं समय
दिनांक – 12 अगस्त 2025, मंगलवार
समय – प्रातः 09:00 से 12:00 बजे तक
संस्कार का महत्व
वैदिक मंत्रों में वर्णित है –
“यज्ञोपवीतं परमं पवित्रं प्रजापतेर्यत्सहजं पुरस्तात्।
आयुष्यमग्रयं प्रतिमुच शुभ्रं यज्ञोपवीतं बलमस्तु तेजः॥”
यज्ञोपवीत केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि यह जीवन के नए अध्याय में प्रवेश का प्रतीक है, जो ब्रह्मचर्य, अध्ययन और आत्मविकास की ओर अग्रसर करता है।
विशेष अतिथि एवं आयोजन समिति
- मुख्य अतिथि – श्री दिलीप भाई देशमुख (सामाजिक कार्यकर्ता)
- अध्यक्षता – आचार्य गौरव आर्य (विद्यार्थी)
- यज्ञ ब्रह्मा – विवेक शास्त्री जी
- यज्ञ व्यवस्थापक – सागर आर्य जी
निवेदक
वैदिक गुरुकुल भवानीपुर के समस्त ट्रस्टीगण एवं संचालकगण
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