यज्ञ-प्रशिक्षण शिविर
रविवार १३ अक्टूबर २०२४
आवश्यक सूचनायें व नियमावली
वैदिक धर्म में यज्ञों-महायज्ञों की महत्ता सर्वविदित है। देवयज्ञ-अग्निहोत्र इसके दैनिक नित्यकर्मों में सम्मिलित है। यज्ञ श्रेष्ठतम कर्म है तो वह तभी श्रेष्ठतम हो सकता है जब वह विधिवत् उचित रीति से किया जाये। समाज में दैनिक एक या दोनों समय, साप्ताहिक, पाक्षिक या मासिक यज्ञ करने वाले भी सब के सब इसे ठीक से नहीं कर पाते हैं। जैसा उन्होंने देखा वैसा ही करने के अभ्यस्त हो जाते हैं। अग्निहोत्र को अधिकाधिक शुद्ध रीति से करने की भावना होते हुए भी उचित प्रशिक्षण के अभाव में ऐसा हो नहीं पाता। अग्निहोत्र करने के इच्छुक अनेक नये व्यक्ति सम्यक् जानकारी न होने के कारण इसे करने से हिचकिचाते हैं, कहीं गलत करने से कोई हानि न हो जाये। अनेक यज्ञकर्ता यज्ञ तो करते हैं किन्तु यज्ञ के बारे में उनकी समझ कम रहती है। जो यज्ञ (अग्निहोत्र) अपने घर में करना चाहते हैं, परन्तु उस का विधि-विधान नहीं जानते हैं. ऐसे नये व्यक्ति यहाँ प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने घर में स्वयं कर सकते हैं। जो यज्ञ करते हैं वे तथा नये भी सभी यज्ञ का महत्व, वर्तमान युग में उसकी उपयोगिता, उससे पारिवारिक व सामाजिक लाभ आदि का परिज्ञान इस शिविर में कर पायेंगे।
समाज में यज्ञ परंपरा उचित रीति से चले व बढ़े इस के लिए वानप्रस्थ साधक आश्रम, आर्यवन, रोजड़, गुजरात में स्मृतिशेष आचार्य ज्ञानेश्वर जी आर्य ने यज्ञ प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की, अनेक बहुकुण्डीय यज्ञ युक्त यज्ञप्रशिक्षण शिविर लगाये और यज्ञविषयक साहित्य भी छपवाया। अब आचार्य ज्ञानेश्वर जी आर्य की योजनारूप यज्ञप्रशिक्षण शिविर प्रतिमाह एक रविवार को आयोजित करने का निर्णय किया गया है। इसमें प्रातः ८:३० से १२ बजे व अपराह्न २ से ४:३० तक लगभग ५ घण्टों में यज्ञ प्रशिक्षण दिया जायेगा।
प्रारम्भ यज्ञ-परिचय (इतिहास, महत्त्व, उपयोगिता) से होगा। फिर अग्निहोत्र केन्द्र में बनी यज्ञ प्रदर्शनी दिखा-समझा कर लघु चलचित्र द्वारा अग्निहोत्र की प्रक्रिया दिखाई समझाई जायेगी। फिर भोजन पश्चात् यज्ञ का क्रियात्मक प्रशिक्षण देकर शिविरार्थियों के हाथों यज्ञ करवाया भी जायेगा।
शिविर निःशुल्क है। स्वेच्छा से कोई सहयोग करना चाहें तो कर सकते हैं। कृपया अपने बच्चों या परिचितों को यज्ञ प्रशिक्षण हेतु भेज कर सर्वकल्याणकारी इस कार्य में पुण्य के भागी बनें। दूर से आने वाले एक दिन पूर्व आ सकते हैं। इच्छुक व्यक्ति यज्ञ के अभ्यास हेतु एक-दो दिन और आश्रम में रुक सकते हैं। दो दिन पूर्व तक पजीकरण कराया जा सकता है।
वानप्रस्थ साधक आश्रम
(वैदिक ध्यान साधना अध्यात्म व सिद्धान्त को समर्पित संस्थान)
आर्यवन, रोजड़, पत्रालय-सागपुर, जिला-साबरकांठा, गुजरात 383307
दूरभाषः 9427059550
Email: vaanaprastharojad@gmail.com,










