वैदिक संस्कृति, संस्कृत भाषा और आध्यात्मिक चेतना का विशेष पर्व
आर्य समाज सुंदर विहार द्वारा वैदिक धर्म, संस्कृत भाषा और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रचार-प्रसार हेतु एक अत्यंत प्रेरणादायक एवं भव्य दो दिवसीय यज्ञ हवन, वैदिक प्रवचन, संस्कृत संवाद एवं संस्कृत कथा वाचन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह पावन आयोजन शुक्रवार 3 अप्रैल एवं शनिवार 4 अप्रैल 2026 को सायं 5:00 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक आयोजित होगा।
यह कार्यक्रम केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, आध्यात्मिकता, संस्कृत भाषा और वैदिक जीवन मूल्यों को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों और धर्मप्रेमियों के लिए यह आयोजन ज्ञान, भक्ति और प्रेरणा का अद्भुत संगम सिद्ध होगा।
यज्ञ ब्रह्मा एवं प्रमुख अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस पावन अवसर पर कार्यक्रम का संचालन यज्ञ ब्रह्मा श्री प्रमोद कुमार शास्त्री जी के वैदिक मार्गदर्शन में संपन्न होगा, जिनके मंत्रोच्चार और यज्ञ विधि से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय एवं आध्यात्मिक बनेगा।
कार्यक्रम में विशेष रूप से निम्नलिखित प्रमुख अतिथि एवं विद्वान उपस्थित रहेंगे—
प्रमुख नामों की सूची
- श्री प्रमोद कुमार शास्त्री
(यज्ञ ब्रह्मा) - श्री विनय आर्य
महामंत्री, दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा
(मुख्य अतिथि) - श्री विवेक पथिक
(भजनोपदेशक) - श्रीमती उषा वर्मा
(भजनोपदेशिका)
इन सभी विद्वानों की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाएगी।
प्रथम दिवस : यज्ञ हवन और वैदिक संदेश
शुक्रवार 3 अप्रैल 2026 को सायं 5:00 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक कार्यक्रम का प्रथम दिवस आयोजित होगा। इस दिन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ हवन संपन्न किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु राष्ट्र, समाज और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए आहुतियाँ अर्पित करेंगे।
इसके साथ भजन, वैदिक प्रवचन और संस्कृत भाषा के महत्व पर विशेष विचार प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को वैदिक धर्म के सिद्धांतों और जीवन मूल्यों से जोड़ना है।
द्वितीय दिवस : संस्कृत संवाद और कथा वाचन
शनिवार 4 अप्रैल 2026 को कार्यक्रम का दूसरा दिवस भी सायं 5:00 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस दिन विशेष रूप से आर्य समाज सुंदर विहार के सदस्यों द्वारा संस्कृत संभाषण एवं संस्कृत कथा वाचन किया जाएगा, जो इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
संस्कृत संवाद के माध्यम से नई पीढ़ी को भारत की प्राचीन भाषा और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही कथा वाचन द्वारा वैदिक ज्ञान और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया जाएगा।
समाज और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक पहल
यह आयोजन विशेष रूप से विद्यार्थियों और युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा, क्योंकि इसके माध्यम से उन्हें संस्कृत भाषा, वैदिक ज्ञान, धर्म और संस्कृति को निकट से समझने का अवसर मिलेगा।
आर्य समाज का यह प्रयास समाज में संस्कार, नैतिकता और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
पता: आर्य समाज, सुंदर विहार, दिल्ली
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