विश्व कल्याण महायज्ञ वेद प्रचार महोत्सव, घाटमपुर कानपुर नगर

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विश्व कल्याण महायज्ञ वेद प्रचार महोत्सव

संस्थापित वर्ष 1918

आर्य समाज मन्दिर

मुख्य चौराहा थाने के सामने) घाटमपुर कानपुर नगर

( दिनांक- 29,30 नवम्बर, व 1 दिसम्बर)

दिन- शुक्रवार, शनिवार, व रविवार

मान्यवर धर्मप्रेमी बन्धुओं, माताओं व बहिनो,

हर्ष पूर्वक सूचित किया जाता है कि आर्य समाज मन्दिर घाटमपुर में विश्व कल्याण महायज्ञ एवं वेद प्रचार महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आर्य जगत् के महान सन्यासी विद्वान, महोपदेशक, भजनोपदेशक आदि पधार रहे हैं। इस हेतु आप सभी से निवेदन है कि उक्त तिथियों में। उपस्थित होकर महोत्सव को सफल बनायें और धर्म लाभ उठायें। आप सादर सपरिवार एवं ईष्टमित्रों सहित आमंत्रित हैं।

आमंत्रण पत्र

प्रधान – अशोक कुमार आर्य, Mob.: 9936078822

निवेदका-

मंत्री- बिन्दू आर्य Mob.: 9554927716

निवेदक

आर्य समाज मन्दिर घाटमपुर कानपुर नगर पदाधिकारियों एवं सभा के सदस्यगणों की सूची

संरक्षक-

(1) जगरूप सिंह आर्य

(2) डा० राजकुमार आर्य

(3) प्रभाषचन्द्र आर्य

(4) प्रदीप कुमार आर्य

प्रधान-श्री अशोक कुमार आर्य

उप प्रधान- श्री बीरेन्द्र कुमार आर्य

उप प्रधान-श्रीमती वन्दना आर्या

कोषाध्यक्ष- श्री रामऔतार आर्व

मंत्री श्री बिन्दू आर्य

उपमंत्री श्री अरविन्द आर्य (योगामार्थ)

उपमंत्री श्री हटी सिंह आर्य

निरीक्षक श्री हरि ओम आर्य

उप कोषाध्यक्ष- श्रीमती नीलम आर्या उपनिरीक्षक श्री सन्तोष कुमार आर्य

पुस्तकाध्यक्ष- श्री विनोद पटेल आर्य

सदस्य – डा० राधेश्याम आर्य, डा० मुकेश आर्य, एड० वेद प्रकाश आर्य, एड० राज्प्रकाश आर्य, एड० राबवीर आर्य, इंजी. धर्मेन्द्र आर्य, ब्रजेश आर्य जगत नारायण आर्य, प्रखरदीप आर्य, अजीत कुमार आर्य, रामआसरे आर्य, धर्मपाल सिंह आर्य, कुलदीप आर्य, सुनील कुमार आर्य, आचार्य देवमाधव आर्य, रामजानकी आर्या सुषमा आर्या, शैलजा आर्या, अनीता आर्या, बीना आर्या, दिग्विजय सिंह आर्य, अंकुर आर्य, रामचन्द्र सिंह आर्य, आदित्य कुमार आर्य, अंकित गुप्ता आर्य, जितेन्द्र सिंह आर्य, विनोद कुमार आर्य, रणधीर सिंह आर्य, धीरेन्द्र प्रताप आर्य, गजेन्द्र सिंह आर्य, अरविन्द आर्य, भानुप्रताप आर्य, महेन्द्र सिंह आर्य, विष्णु आर्य, शंकर दयाल आर्य, प्रेम सिंह आर्य, अशोक कुमार आर्य, ओमप्रकाश आर्य, रामशंकर आर्य, हुँ० विजयबहादुर सिंह आर्य, दिनेश चन्द्र आर्य, जतिन आर्य, तिलक आर्य, अरुण कुमार आर्य, शंकरमुनि, रामजीवन आर्य, कृष्णमान सिंह आर्य,, सिद्दीका नाज, प्रमिला आर्या, सरोजनी आर्या, राजेश बाबू आर्य,, कौशल नरेश आर्य, रविकुमार आर्य, इमरान अंसारी, नरेन्द्र सिंह आर्य, कौशल किशोर आर्य, रामशंकर आर्य, विपिन आर्य, दिलीप सिंह आर्य,, गाँधी आर्य, जयकरन, सिंह आर्य, कौशल आर्य, ओमप्रकाश आर्य,, विश्वनाथ आर्य, शिवमित्र आर्य, शिवराज सिंह आर्य, सरोज कुमार सिंह

समस्त नगरवासी एवं क्षेत्रवासी घाटमपुर कानपुर नगर

आर्य समाज के नियम

1- सब सत्यविद्या और जो पदार्थ विद्या से जाने जाते हैं, उन सबका आदिमूल परमेश्वर है।

2- ईश्वर सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनन्त, निर्विकार, अनादि, अनुपम, सर्वाधार, सर्वेश्वर, सर्वव्यापक, सर्वान्तर्यामी, अजर, अमर, अभय, नित्य, पवित्र और सृष्टिकर्ता है, उसी की उपासना करनी योग्य है।

3- वेद सब सत्यविद्याओं का पुस्तक है। वेद का पढ़ना- पढ़ाना और सुनना-सुनाना सब आर्यों का परम धर्म है।

4- सत्य के ग्रहण करने और असत्य के छोड़‌ने में सर्वदा उत्थत रहना चाहिए।

5- सब काम धर्मानुसार अर्थात् सत्य और असत्य को विचार करके करने चाहिए।

6- संसार का उपकार करना इस समाज का मुख्य उद्देश्य है अर्थात् शारीरिक, आत्मिक और सामाजिक उन्नति करना।

7- सबसे प्रीतिपूर्वक धर्मानुसार यथायोग्य वर्तना चाहिए।

8- अविद्या का नाश और विद्या की वृद्धि करनी चाहिए।

9- प्रत्येक को अपनी ही उन्नति से संतुष्ट न रहना चाहिए किन्तु सबकी उन्नति में ही अपनी उम्बति समझनी चाहिए।

10- सब मनुष्यों को सामाजिक सर्वहितकारी नियम पालने में परतन्त्र रहना चाहिए और प्रत्येक हितकारी नियम में सब स्वतन्त्र रहें।

विशेष द्रष्टव्य

1- आर्य समाज मन्दिर घाटमपुर का साप्ताहिक सत्संग प्रत्येक रविवार प्रातः 7 से 8 बजे तक।

2- आर्य समाज मन्दिर घाटमपुर का मासिक अधिवेशन माह में प्रथम रविवार को प्रातः 8 से 12 बजे तका

3- पुस्तकालय एवं वाचनालय एवं आर्य साहित्य पुस्तक विक्रय विभाग

4- अपने घरों या आर्य समाज मन्दिर में संस्कार कराने हेतु पुरोहित की समुचित व्यवस्था है।

5- विवाह संस्कार कराने पर आर्य प्रतिनिधि सभा उ०प्र० द्वारा अधिकृत आर्य विवाह बिल एक्ट विवाह प्रमाण पत्र दिया जाता है।

6- कार्यालय प्रतिदिन खुला रहता है किसी भी समय सम्पर्क किया जा सकता है।

7- महायज्ञ के अवसर पर होने वाले यज्ञ में सम्मिलित होने वाले श्रद्धालु महानुभाव तथा यजमान महोदय सपत्नीक यज्ञवेश में 10 मिनट पूर्व वज्ञशाला में आकर अपना-अपना स्थान ग्रहण कर लेंवे।

8- महायज्ञ के अवसर पर नगर, ग्राम व अन्य जिलों से आने वाले आर्य महानुभावों के लिये आवास, जलपान एवं भोजन आदि की समुचित व्यवस्था रहेगी।

9- आर्य समाज मन्दिर, सभा मण्डप, यज्ञशाला आदि में धूम्रपान अथवा अन्य मादक पदार्थों का सेवन करना सर्वथा वर्जित है।

10- कार्यक्रम में परिवर्तन करने का अधिकार प्रधान व मंत्री को है।