विशाल प्रांतीय आत्मरक्षा एवं चरित्र निर्माण शिविर का आयोजन : चित्तौड़गढ़, राजस्थान

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विशाल प्रांतीय आत्मरक्षा एवं चरित्र निर्माण शिविर – 2026

आयोजक: आर्य वीर दल राजस्थान

📅 दिनांक: 19 मई से 28 मई 2026 तक (10 दिवसीय पूर्ण आवासीय शिविर)
📍 स्थान: श्री गुरुकुल, रेलवे स्टेशन के पीछे, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)

🔸 उद्घाटन समारोह: 19 मई 2026, सायं 5:00 बजे से
🔸 समापन समारोह एवं भव्य व्यायाम प्रदर्शन: 28 मई 2026, सायं 4:00 बजे से


सादर नमस्ते,

अत्यन्त हर्ष के साथ सूचित किया जाता है कि बप्पा रावल, राणा कुम्भा, राणा सांगा, महाराणा प्रताप, राणा रतनसिंह, महारानी पद्मिनी, मीराबाई, पन्नाधाय, भामाशाह, शक्ति, भक्ति, त्याग की बलिदानी भूमि चित्तौड़गढ में स्वामी श्रद्धानन्द जी के बलीदान शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में उन्ही से प्रेरीत पूज्यपाद स्वामी व्रतानंदजी द्वारा प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में स्थापित श्री गुरूकुल एवं आर्य वीर दल राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में बालकों के सर्वांगीण विकास हेतु दि. 19/05/2026 से 28/05/2026 तक 10 दिवसीय पूर्ण आवासीय शिविर का आयोजन होगा।

इस शिविर में बालकों को विशेष रूप से आत्मरक्षा हेतु जूड़ो कराटे, आसन-प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, भूमि नमस्कार, अस्त्र-शस्त्र, लाठी, भाला, तलवार, शूटिंग, लेजियम, डंबल्स आदि का प्रशिक्षण दिया जायेगा। राष्ट्र की युवा शक्ति को पाश्चात्य संस्कृति के प्रदूषण, मादक पदार्थों के सेवन, टी.वी. चैनलों, मोबाईल के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए, इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है। अतः आप अपने बालकों को शारीरिक, आत्मिक, मानसिक, नैतिक उत्थान के लिए इस शिविर में अवश्य भेजें।

परिचय : आर्य वीर दल

आर्य वीर दल की स्थापना 26 जनवरी 1929 को गुरुकुल इन्द्रप्रस्थ में हुए डी.ए. वी. शिक्षण संस्थाओं के सम्मेलन में महात्मा हंसराज जी की अध्यक्षता में हुई। आर्य वीर दल देश व देश के बाहर भी सार्वदेशिक स्तर पर अपनी शाखायें व कार्यक्रम चला रहा है और संस्कृति रक्षा, शक्ति संचय और सेवा कार्य में जुटे आर्य समाज को युवा, चरित्रवान, कार्यकर्ता उपलब्ध करा रहा है।

आर्य समाज द्वारा हैदराबाद निजाम में चलाये गये आन्दोलन में 14000 आर्यवीरों ने भाग लिया। पंजाब का हिन्दी रक्षा आन्दोलन, गौरक्षा आन्दोलन, स्वदेशी दलितोद्वार, स्त्री शिक्षा व शराब बंदी आदि समस्त आन्दोलनों में आर्यवीर दल अग्रणी भूमिका निभाता आया है। देश विभाजन के दिनों में शरणार्थियों के लिए चलाये जाने वाले शिविरों में रक्षा व व्यवस्था का कार्य आर्य वीरों ने किया। कच्छ एवं नेपाल में आये भूकम्प, बंगाल का अकाल, नौआखाली का विप्लव सभी स्थानों पर राहत कार्यों में आर्य वीर दल अग्रणी रहा है ।


शिविर प्रवेश हेतु आवश्यक नियम –

  • पंजीयन शुल्क 700/- रू. मात्र है।
  • शिविरार्थियों के आवास एवं भोजन की व्यवस्था, सामाजिक संस्थाओं व दानदाताओं के सहयोग से रहेगी।
  • शिविरार्थी की न्यूनतम आयु 12 वर्ष से महाविद्यालय विद्यार्थी होना चाहिये एवं वह पूर्ण रूप से स्वस्थ होवें।
  • शिविरार्थी अपने साथ सफेद टी-शर्ट, ब्लेक / ब्ल्यू लोवर, खाकी नेकर, सेण्ड़ो बनियान, सफेद पी.टी. शूज, सफेद मोजे, गर्मी के अनुकूल पहनने के कपड़े, ओढ़ने का चद्दर, दो नए फोटो, पेन, डायरी, ब्रश, तेल व साबुन इत्यादि दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएँ अनिवार्य रूप से साथ लावें।
  • सोने की चैन, अंगूठी, घड़ी, मोबाईल, कीमती सामान आदि साथ नही लावें।
  • शिविरार्थी का शिविर काल के दौरान मोबाईल पर बात एवं परिवारजनों से मिलना पूर्ण रूप से निषेध रहेगा।
  • प्रत्येक शिविरार्थी को शिविर की दिनचर्या व अनुशासन का पालन करना होगा।
  • अनुशासनहीनता करने पर शिविर से पृथक कर दिया जायेगा।
  • शिविरार्थी को 19 मई दोपहर 3 बजे तक शिविर स्थल पर पहुँचना एवं पंजीयन करवाना अनिवार्य है।

पंजीयन हेतु सम्पर्क करे प्रांतीय व्यायाम शिक्षक भागचंद आर्य 9929353838

दिनेश आर्य 7073231760, जीवनलाल आर्य वीर 9079952528


  • यदि माता-पिता (अभिभावक) चाहते हैं –
  1. आपके बालक आज्ञापालक, बड़ों का आदर करने वाले, सुसंस्कारित व अनुशासित बनें ।
  2. शारीरिक, मानसिक व आत्मिक रूप से स्वस्थ व मजबूत बनें ।
  3. अपनी ईश्वर प्रदत्त योग्यताओं का पूर्ण रूप से विकास करके स्वयं के, परिवार के, समाज तथा राष्ट्र के उत्थान में सहयोगी बनें, तो आप सभी अभिभावकों से अनुरोध है कि अधिकाधिक संख्या में बालको को इस शिविर में भेजकर परिवार व राष्ट्र निर्माण के पुनीत कार्य में सहयोगी बनें ।

आवश्यक निवेदन एवं अपील –

इस आवासीय शिविर के प्रबंधन में भोजन, आवास, विज्ञापन, मार्गव्यय, मानदेय आदि पर पर्याप्त व्यय होगा। अतः आप सभी दानी महानुभावों एवं सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों से सहयोग अपेक्षित है कि अपनी सहायता राशि नकद / चैक से देने हेतु निम्न व्यक्ति से सम्पर्क करें-

भवदेव शास्त्री 9001434484

अभिषेक बंसल 9309258185

गगेन्द्र आर्य

7425070732

विशाल माहेश्वरी – 8290041231

विशेषः भामाशाह दानी महानुभाव एक दिन का अथवा एक समय का भोजन, नाश्ता, घी, आटा, गेहूं, चावल, चीनी, तेल, दाल, दूध आदि देकर भी सहयोग कर सकते हैं।


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