वीर नौजवानों यही हठ ठानों।

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वीर नौजवानों यही हठ ठानों।

वीर नौजवानों यही हठ ठानों।
देश बचाना है। शत्रु जमाना है।

यौरुप के देशों में युद्ध की
अग्नि भड़क रही है।
पापिस्तां के ऊपर भी
वह बिजली कड़क रही है।
नहीं बचेगा, चक्र में फसेंगा
झगड़ा बढ़ाना है।
शत्रु जमाना है।।१।।

देन शहीदों की समझो
यह माता की आजादी।
पाकिस्तानी करना चाहते हैं
इसकी बरबादी।
देश अमेरिका न मित्र किसी का.
चाहता लड़ाना है।।२।।

गैरों के हाथों में आज भी है,
गिलगिट की घाटी।
उसकी भैंस बतावै दुनियां
जिसके हाथ में लाठी।
झगड़ा ठनेगा जाने क्या बनेगा
कश्मीर पे निशाना है।।३।।

जितने भी नौजवां यहाँ हैं
कह दो हाथ उठा के।
वैदिक धर्म की रक्षा करेंगे,
सिर की भेंट चढ़ाके।
काटे या कटेंगे पीछे ना हटगें
“भीष्म ने यह ठाना है।।४।।