आप सादर आमंत्रित हैं वेदाध्ययन के पवित्र पर्व श्रावणी (रक्षाबन्धन पर)19 अगस्त को भारी संख्या में पहुंचकर तीर्थस्थल गुरुकुल झज्जर में यज्ञ एवं सत्संग का पुण्यलाभ प्राप्त कीजिए
सब सज्जनों को सूचित करते हुए हमें हार्दिक प्रसन्नता है कि आपका प्रिय रक्षाबंधन पर्व जो श्रावणी के नाम से प्रसिद्ध है, 19 अगस्त, 2024 सोमवार को प्रातः 7 से 12 बजे तक पूर्ण धार्मिक विधि से प्रतिवर्ष की भान्ति मनाया जा रहा है। भारत में दूसरे देशों की अपेक्षा त्यौहार मनाने की ऋषि-मुनियों की बनाई विशेष परम्परायें हैं, जो इस लोक को भी सुधारती हैं और परलोक को भी। उनमें वेदाध्ययन से सम्बन्धित श्रावणी पर्व भी एक है।
इस अवसर पर ब्रह्मचारियों के यज्ञोपवीत संस्कार, वेदारम्भ संस्कार तथा संसार के उपकार के व्रत लेने वाले धर्मनिष्ठ जनों को वानप्रस्थ एवं संन्यास दीक्षा में दीक्षित करने की भी योजना है एवं पुराने यज्ञोपवीत बदलकर नए यज्ञोपवीत धारण करने आदि के कार्यक्रम होंगे।

अतः आप सभी आर्य धर्मनिष्ठजनों से अनुरोध है कि इस शुभ अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में सपरिवार एवं इष्ट मित्रों सहित पधारकर पुण्य के भागी बने एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।
दूर से आने वाले सज्जन 19 अगस्त को ही सायंकाल तक गरुकल झज्जर में पधार सकते हैं।
नोट : दोपहर भोजन के बाद 1.00 बजे स्नातक मण्डल की एक आवश्यक मीटिंक भी होगी। तभी स्नातक बंधु सम्मलित होने की कृपा करें।
निवेदक –
महेन्द्र सिंह धनखड़ – प्रधान
राजवीर सिंह आर्य – मंत्री
विजयपाल योगार्थी – आचार्य
डॉ० योगानन्द शास्त्री – कुलपति
फोन : 9416055044









