वानप्रस्थ साधक आश्रम में नवीन भवन का लोकार्पण समारोह
(पाकशाला, भोजनशाला एवं कुटीरों का उद्घाटन)
विक्रम संवत् 2082, श्रावण कृष्ण नवमी, रविवार – तदनुसार 17 अगस्त 2025
समय: प्रातः 10:00 से 12:00 बजे तक
स्थान: वानप्रस्थ साधक आश्रम, आर्यवन, रोजड़, गुजरात
वानप्रस्थ साधक आश्रम का सेवा-पथ पर एक और कदम
प्राचीन वैदिक परंपरा में वानप्रस्थ आश्रम को जीवन का एक श्रेष्ठ तपस्वी चरण माना गया है। वानप्रस्थ साधक आश्रम, रोजड़ – इस आदर्श को मूर्त रूप देनेवाला एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहाँ तप, सेवा, अध्ययन और आत्मविकास के अद्भुत अवसर उपस्थित होते हैं। आश्रम की स्थापना से लेकर आज तक, इसकी गतिविधियाँ क्रमशः विस्तारित होती जा रही हैं, और उसी कड़ी में अब एक अत्यंत महत्वपूर्ण विकास – नवीन भवन का निर्माण – पूर्ण हुआ है।
भवन निर्माण: सहयोग, संकल्प और संस्कार का साकार रूप
आरम्भिक काल में आश्रम में जो पाकशाला और भोजनालय बनाए गए थे, वे टिन शेड के अस्थायी ढांचे थे। आश्रम में आगंतुकों, विद्यार्थियों और वानप्रस्थियों की संख्या बढ़ने तथा सेवाकार्यों के प्रसार के चलते एक नई, सुव्यवस्थित पाकशाला और भोजनशाला की आवश्यकता अनुभव की गई। यह आवश्यकता अब दो श्रद्धालु दानदाताओं के सहयोग से पूर्ण हुई है, जिनके योगदान से आश्रम भवन के प्रथम तल पर यह आधुनिक रसोई और सामूहिक भोजन की सुविधा निर्मित की गई है।
आत्मनिवास हेतु कुटीरों का निर्माण
नवीन भवन के द्वितीय व तृतीय तल पर कुल 16 कुटीरों का निर्माण किया गया है (प्रत्येक तल पर 8)। प्रत्येक कुटीर में एक बैठक व शयनकक्ष के साथ-साथ अध्ययन, भोजन व पाक के लिए समुचित स्थान नियोजित किया गया है। इसके साथ ही हर कुटीर में एक स्वतंत्र वस्त्रप्रक्षालनस्थल और शौच-स्नानस्थल भी उपलब्ध है, जिससे निवासकर्ता को पूर्ण आत्मनिर्भरता का अनुभव हो सके।
इन कुटीरों का निर्माण आश्रम से जुड़े विभिन्न दानदाताओं द्वारा स्वविवेक से कराया गया है। यह न केवल उनकी श्रद्धा और सेवा-भावना का प्रतीक है, अपितु वानप्रस्थ-जीवन को सम्मानपूर्वक जीने की सुविधा भी प्रदान करता है।
लोकार्पण समारोह का आयोजन
इस पावन अवसर का उद्घाटन समारोह दिनांक 17 अगस्त 2025, रविवार को प्रातः 10:00 से 12:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम विशिष्टता लिए हुए होगा क्योंकि इसमें भाग लेंगे:
- आश्रम के संरक्षक एवं वैदिक तपस्वी स्वामी विष्वङ् परिव्राजक जी
- मुनि सत्यजित् जी, अधिष्ठाता व प्रबंधक न्यासी
- आश्रम के अन्य न्यासीगण
- भवन निर्माण में योगदान देनेवाले दानदाता परिजन
- साथ ही, आर्यवन संस्थाओं से जुड़े सदस्य – जैसे दर्शनयोग महाविद्यालय एवं आर्यवन कन्या गुरुकुल परिवार

प्रीतिभोज का आयोजन
इस शुभ अवसर पर सभी आमंत्रित अतिथियों के लिए प्रीतिभोज का आयोजन दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक किया जाएगा।
वैदिक कार्य का विस्तार – हमारा संकल्प
इस नवनिर्माण के साथ आश्रम का लक्ष्य और भी स्पष्ट एवं विस्तृत हुआ है – वैदिक धर्म, अध्यात्म और आर्य समाज के उद्देश्यों को पूर्ण निष्ठा से आगे बढ़ाना। यह भवन न केवल भौतिक सुविधा का प्रतीक है, बल्कि इसमें निहित हैं – सेवा, त्याग, दान और आत्मिक उन्नति के मूल मूल्य।
निवेदन
हम इस शुभ अवसर पर आप सभी श्रद्धालुजनों, सेवाभावी महानुभावों और वैदिक धर्म के प्रचारकों से सादर अनुरोध करते हैं कि आप अपनी उपस्थिति से इस आयोजन को गौरव प्रदान करें। कृपया आने की पूर्व सूचना देकर हमें अनुग्रहित करें।
संपर्क:
वानप्रस्थ साधक आश्रम
आर्यवन, रोजड़, तालुका: तलोद
जिला: साबरकांठा, गुजरात – 383307
दूरभाष: 9116356961 | 8290896378
समापन
यह लोकार्पण केवल एक भवन का उद्घाटन नहीं है, अपितु नवजीवन, नवसंस्कार और नवधर्म कार्य का एक संकल्प है।
“असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्माऽमृतं गमय।”
इन्हीं वैदिक भावनाओं के साथ, हम सभी को इस पावन अवसर में सम्मिलित होकर धर्म-पथ को पुष्ट करने का आमंत्रण देते हैं।
ओ३म् शान्तिः शान्तिः शान्तिः।
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