वैदिक विद्या केंद्र
डी.ए.वी. ग्रुप, चेन्नई
अभिभावकों एवं शिक्षकों के उत्तरदायित्व पर विशेष कार्यशाला
दिनांक:
28 जनवरी (बुधवार) से 2 फरवरी (सोमवार) 2026
मुख्य वक्ता एवं मार्गदर्शक
आचार्य आशीष जी
- आप एक प्रसिद्ध वैदिक विद्वान, आध्यात्मिक गुरु और प्रेरक वक्ता है। आपने भारत और दुनिया भर में कई कार्यशालाओं और जीवन को समृद्ध बनाने वाले रिट्रीट का आयोजन किया है। आप, हरियाणा में स्थित, आत्मचित नाम से एक वैदिक योग ध्यान प्रशिक्षण केंद्र के संस्थापक है।
उन शिक्षकों और अभिभावकों के लिए विशेष कार्यक्रम जो अपने छात्रों और बच्चों के चरित्र विकास में निवेश करना चाहते हैं।
कार्यक्रम का माध्यमः अंग्रेजी और हिंदी
कार्यशाला के दौरान चर्चा किए जाने वाले प्रमुख विषय
- बच्चों के सफल पालन-पोषण/शिक्षण के परिमाण क्या हो?
- माता-पिता और अभिभावक स्वयं का ध्यान कैसे रखें?
- अलग-अलग आयु वर्गों के बच्चों की सहायता एवं मार्गदर्शन किस प्रकार किया जाना चाहिए?
- बच्चों के विकास के लिए माता-पिता और शिक्षकों को किस प्रकार आपस में सहयोग करना चाहिए?
- आधुनिक जीवनशैली के दुष्परिणामों से बच्चों की रक्षा कैसे करें (जंक स्नैकिंग, मोबाइल, सिनेमा, ड्रग्स, धूम्रपान, शराब)।
आचार्य सोनेराव जी – आचार्य वैदिक विद्या केंद्र विशिष्ट वैदिक विद्वान
यह कार्यशाला आपके लिए कितनी प्रासंगिक है?
हम स्कूल और कॉलेज में जीविका कमाने और करियर बनाने की योग्यता बनाने के लिए बिताते हैं। लेकिन इस हमें कभी भी अपने बच्चों का पालन-पोषण करना नहीं सिखाया जाता। इस लिए हम जाने-अनजाने अनेक गलतियाँ करते हैं। इनका दुष्पपरिणाम हमें और हमारे बच्चों दोनों को भुगतना पड़ता है। विडंबना यह है कि हम सभी इस बात से सहमत हैं कि बच्चे हमारी सबसे मूल्यवान संपत्ति हैं, फिर भी उन्हें अक्सर हमसे सार्थक मार्गदर्शन और सहयोग का अभाव रहता है।
इसी प्रकार, शिक्षकों की जिम्मेदारी उनके द्वारा पढ़ाए जाने वाले विषयों से कहीं अधिक व्यापक है। उनके पास अपने छात्रों के चरित्र का विकास करने और हजारों लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव छोडने का अवसर होता है।
इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों और अभिभावकों दोनों को यह मार्गदर्शन देना है कि वे अपने छात्रों / बच्चों के साथ सार्थक रूप से कैसे जुड़ सकते हैं ताकि वे उनमें मौजूद सर्वोत्तम क्षमताओं को बाहर ला सकें। साथ में यह भी समझे कि किस प्रकार वे स्वयं का ध्यान रखें, ताकि वे अपने बच्चों को भी ठीक से संभाल सकें।
जो लोग इस बात को समझते हैं, उनके लिए यह शिविर उनके जीवन के सबसे अच्छे निवेशों में से एक हो सकते हैं!

शिविर के कार्यक्रम की अनुसूची
| समय | कार्यक्रम |
|---|---|
| प्रातः 04:00 बजे | जागरण, प्रार्थना, निवृत्ति |
| 05:00 – 06:15 बजे | आसन, प्राणायाम, ध्यान |
| 06:15 – 07:00 बजे | स्नान, संध्योपासना |
| 07:00 – 08:15 बजे | यज्ञ, वेद पाठ, वेद स्वाध्याय एवं प्रवचन |
| 08:15 – 09:00 बजे | प्रातः राश (नाश्ता) |
| 09:00 – 09:30 बजे | स्वाध्याय एवं कक्षा की तैयारी |
| 09:45 – 11:00 बजे | प्रथम कक्षा – आचार्य आशीष जी |
| 11:00 – 11:15 बजे | विश्राम |
| 11:15 – 12:30 बजे | द्वितीय कक्षा – आचार्य सोनेराव जी |
| 12:45 – 02:30 बजे | भोजन एवं विश्राम |
| 02:45 – 03:30 बजे | स्वाध्याय एवं कक्षा की तैयारी |
| 03:30 – 04:30 बजे | तृतीय कक्षा – आचार्य आशीष जी |
| 04:30 – 05:15 बजे | श्रमदान |
| 05:15 – 05:30 बजे | अल्पाहार |
| 05:30 – 06:10 बजे | भ्रमण / स्नान |
| 06:20 – 07:00 बजे | सन्ध्योपासना / ध्यान |
| 07:00 – 08:00 बजे | भोजन एवं श्लोक गायन |
| 08:00 – 08:45 बजे | आत्मनिरीक्षण |
| 08:45 बजे पश्चात | दुग्धपान एवं शयन |
वीवीके में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए पंजीकरण
- पंजीकरण और सत्रों में भाग लेना सभी के लिए निःशुल्क है। आपसे अनुरोध है कि संलग्न QR कोड को scan करके पंजीकरण करें।
- प्रतिभागी अपनी इच्छा से वैदिक विद्या केंद्र और इस आयोजन के साझा उद्देश्य के लिए उदारतापूर्वक योगदान दे सकते हैं।
- प्रतिभागियों से अपेक्षा है कि वे अपने प्रवास के दौरान वैदिक विद्या केंद्र के नियमों का पालन करें और मर्यादा बनाए रखें।
- जो प्रतिभागी वीवीके परिसर में रहना चाहते हैं, वे आवास एवं भोजन के लिए न्यूनतम शुल्क (जो पंजीकरण के पृष्ट पर दिया गया है) का भुगतान करें। अगर कोई यह शुल्क देने में असक्षम है तो हमें ईमेल करें। आपको यथा योग्य छूट दी जा सकती है।
स्थान
वैदिक विद्या केंद्र परिसर
आर.एस. नंबर-28, माधुर रोड,
गणपतिचेट्टिकुलम,
पीआईएमएस अस्पताल के पीछे,
कलापेट, पुडुचेरी – 605014
संपर्क
91764/10164/93848 12741/74187 27133
वैदिक विद्या केंद्र
डी.ए.वी. ग्रुप, चेन्नई
मानचित्र लिंक:
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