वर्तमान समय में हमारी नई युवा पीढ़ी निरंतर अपनी मूल संस्कृति, नैतिक मूल्यों और अनुशासित जीवनशैली से दूर होती जा रही है। इसी गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए महर्षि दयानंद मठ, छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित स्वामी सुमेधानंद वैदिक गुरुकुल, कटंगपाली समाज में शिक्षा, संस्कार और चरित्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। इसके साथ ही युवाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु निःशुल्क आत्मसंरक्षण एवं चारित्र्य निर्माण उन्हाळी शिबिर का भी भव्य आयोजन किया जा रहा है।
स्वामी सुमेधानंद वैदिक गुरुकुल में प्रवेश प्रारंभ
महर्षि दयानंद मठ, छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित यह गुरुकुल पिछले दो वर्षों से शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शिक्षित बनाना नहीं, बल्कि उन्हें संस्कारित, स्वावलंबी, चरित्रवान, गुणवान और आदर्श नागरिक बनाना है।
गुरुकुल में विद्यार्थियों को सादा जीवन, उच्च विचार, मातृ-पितृ भक्ति, राष्ट्र सेवा और वैदिक संस्कृति के मूल सिद्धांतों के साथ शिक्षित किया जाता है। साथ ही समाज में व्याप्त जात-पात, ऊँच-नीच और छुआछूत जैसी कुरीतियों को समाप्त कर आदर्श समाज निर्माण का संदेश भी दिया जाता है।
गुरुकुल की प्रमुख विशेषताएँ
- प्राकृतिक और स्वच्छ वातावरण
- शहर के कोलाहल से दूर सुरम्य परिसर
- कक्षा 3री से 8वीं तक उत्कृष्ट शिक्षा
- न्यूनतम शुल्क में संस्कारयुक्त अध्ययन
- सात्विक एवं पौष्टिक भोजन
- उत्कृष्ट छात्रावास सुविधा
- प्रतिदिन संध्योपासना एवं हवन
- वैदिक संस्कार प्रशिक्षण
- योग, प्राणायाम, जूडो, कराटे
- आत्मरक्षा एवं अस्त्र-शस्त्र अभ्यास
- संगीत, खेल-कूद एवं कृषि कार्य
- वेद मंत्र पाठ
- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
प्रवेश संबंधी जानकारी
कक्षा 3री से 7वीं तक के मेधावी, होनहार और जरूरतमंद छात्रों से पूरे भारत से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
महत्वपूर्ण तिथियाँ:
- नामांकन की अंतिम तिथि: 20 जून 2026
- मूल्यांकन परीक्षा: 25 जून 2026
संपर्क सूत्र:
76949 40365
70002 98087
पता:
स्वामी सुमेधानंद वैदिक गुरुकुल, कटंगपाली
आर्यावर्त परिसर, पोस्ट – बलोदा
तहसील – सरायपाली
जिला – महासमुंद, छत्तीसगढ़ – 393558
निःशुल्क आत्मसंरक्षण एवं चारित्र्य निर्माण उन्हाळी शिबिर
गर्मी की छुट्टियों में बच्चों और युवाओं के लिए बड़े उत्साह के साथ निःशुल्क आत्मसंरक्षण एवं चारित्र्य निर्माण शिबिर का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को मोबाइल और कंप्यूटर गेम्स से हटाकर मैदानी और मर्दानी खेलों की ओर प्रेरित करना है, जिससे उनके मन और शरीर दोनों की शक्ति बढ़े।

शिविर में दिए जाने वाले प्रशिक्षण
- लाठी-काठी
- कराटे
- जिम्नास्टिक
- तलवारबाजी
- दंड साखळी
- योग
- ध्यान
- चारित्र्य निर्माण
महिला एवं पुरुष प्रशिक्षक दोनों उपलब्ध रहेंगे, जिससे सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित और बेहतर प्रशिक्षण मिल सके।
शिविर की तिथि एवं स्थान
दिनांक: 01 मई 2026 से 31 मई 2026
समय: प्रातः 6:00 बजे से 8:00 बजे तक
स्थान:
श्री सिद्धेश्वर एवं रत्नेश्वर मंदिर मैदान, लातूर
आयोजक:
सिद्धेश्वर व्यायाम संघ
वीर योद्धा संघटना
आर्यवीर दल
महत्वपूर्ण संपर्क
- गणेशजी येरटे: 9823268502
- पारसजी ढगे: 9423814207
- ज्योतिर्लिंग गजाकोश: 8421511626
नोंदणी व ग्रुप लिंक
निःशुल्क उन्हाळी शिबिर नोंदणी लिंक:
उन्हाळी लाठीकाठी शिबिर ग्रुप लिंक:
निष्कर्ष
यह आयोजन केवल शिक्षा और आत्मरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को संस्कार, अनुशासन, स्वास्थ्य और चरित्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाने का एक प्रेरणादायक प्रयास है। सभी अभिभावकों और विद्यार्थियों से अनुरोध है कि अधिक से अधिक संख्या में इसका लाभ उठाएँ।
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