ओ३म्
आर्य वीर दल हरियाणा
की दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न
1-हरियाणा से 4000 आर्यवीर गणवेश में दिल्ली जाएंगे।
2- अन्य कई महत्त्वपूर्ण निर्णयों पर हुई सहमति।
3- महाराष्ट्र, झारखंड तथा बंगाल की कार्यशालाओं की तिथियां हुई निश्चित।
➡️ रोहतक, हरियाणा आर्य वीर दल की दो दिवसीय कार्यशाला दिनांक 2, 3 अगस्त, 2025 को दयानंद मठ रोहतक में सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें प्रांत के 18 जनपदों के संचालक एवं प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।
➡️ सार्वदेशिक आर्य वीर दल की ओर से प्रधान संचालक आदरणीय श्री सत्यवीर आर्य तथा प्रचार मंत्री आचार्य नंदकिशोर उपस्थित हुए।
👉 सर्वप्रथम वैदिक राष्ट्रिय प्रार्थना के पश्चात् परिचय हुआ और हरियाणा प्रांतीय संचालक श्री उमेद सिंह शर्मा, सह संचालक आचार्य श्री संदीप जी तथा उपसंचालक डॉ नरेंद्र जी ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया।
👉 1-प्रधान संचालक जी ने अपने विस्तृत संबोधन में दिल्ली महासम्मेलन पर प्रकाश डालते हुए यह अपील की कि इस महासम्मेलन के सुचारू रूप से संपन्न होने के लिए सार्वदेशिक आर्य वीर दल को सुरक्षा, भोजन व्यवस्था, अनुशासन एवं रात्रि पेट्रोलिंग व अन्य कई दायित्व सौंपे जाएंगे। हरियाणा, दिल्ली निकटवर्ती प्रांत होने से विशेष उत्तरदायित्व वहन करेंगे। अतः हरियाणा से अधिक से अधिक संख्या में आर्य वीरों की सहभागिता होनी चाहिए। इस अपील पर सभी जिला संचालकों और आर्य समाजों के अधिकारियों ने उत्साह पूर्वक अपने-अपने जिले से आने वाले आर्य वीरों की संख्या प्रांतीय अधिकारियों को लिखवाई, जिसका सर्वयोग 4000 हुआ।
👉 2-प्रांतीय संचालक श्री उम्मेद शर्मा जी ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा आर्यवीर दल का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है और इस महासम्मेलन में भी हम पूर्ण उत्साह के साथ सबसे बड़ी संख्या में उपस्थित होंगें। श्री शर्मा जी ने घोषणा की कि महासम्मेलन में जाने वाले प्रत्येक आर्यवीर के गणवेश के लिए प्रांतीय कोष से भी कुछ सहयोग दिया जाएगा।
👉 3- डॉ नरेंद्र जी एवं आचार्य संदीप जी ने शाखाओं का विस्तार किस प्रकार किया जाए और किस तरह से आर्य वीरों को अधिक से अधिक संख्या में एकत्र कर सम्मेलन स्थल पर पहुंचा जाए, इस पर अपने मूल्यवान विचार एवं सुझाव दिए।
👉 4- दूसरे दिन 3 अगस्त रविवार को कुछ और प्रतिनिधि कार्यशाला में सहभागिता करने के लिए पहुंचे तथा इस बात पर गंभीरता से विचार किया गया कि सभी आर्य वीरों को व्यवस्थित एवं सुरक्षित तथा अनुशासित ढंग से गमनागमन हेतु छोटे-छोटे समूह बनाकर उन पर समूह नेता बनाया जाए और उसी का समस्त दायित्व रहे।
👉 5 – निर्णय लिया गया कि सभी जिला संचालक एवं अन्य अधिकारीगण तथा आर्य समाज अपने स्तर पर दिल्ली से जारी हुए विज्ञापन पर ही अपना नाम मोटे अक्षरों में लिखकर विज्ञापन करें प्रचार प्रसार करें।
देश भर से आने वाले 12 से 15 हजार आर्य वीरों का आवास एवं भोजन एक ही स्थान पर रहे।
व्यायाम सम्मेलन के समय स्टेज पर (मुख्य पंडाल में) कोई कार्यक्रम ना चले इससे व्यायाम सम्मेलन की उपस्थिति पर गहरा असर होता है। व्यायाम के समय साउंड सिस्टम का कंट्रोल यूनिट एकदम स्टेज के निकट हो।
सम्मेलन से पूर्व आर्य वीर दल के लिए आवंटित हाल में समस्त मुख्य अधिकारियों की बैठक हो जिसमें सब की ड्यूटियां व जिम्मेदारियां लगाई जाएं।
शौचालयों के साथ-साथ बिजली,पानी एवं चिकित्सा की उत्तम व्यवस्था हो।
कार्यशाला में हरियाणा आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान श्री देशबंधु जी तथा सभी जिला संचालकों और विशिष्ट आर्य समाज के अधिकारियों ने भी अपने विचार प्रकट किये और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
प्रचार मंत्री आचार्य नंदकिशोर जी के उत्साहित करने वाले संबोधन के साथ कार्यशाला संपन्न हुई आचार्य नंदकिशोर जी ने कहा कि हमें सेवानिवृत्त विद्वानों का सहयोग बौद्धिक में लेना चाहिए, अपने क्षेत्र के योग्यतम व्यक्तियों के निरंतर संपर्क में रहें, समस्याएं हैं तो उनका समाधान भी है मैदान खाली पड़ा है, कार्य करने की आवश्यकता है और जो भी काम आप करें उसे सबके साथ साझा करें।
अंत में इस निश्चय के साथ कि प्रांतीय संचालक जी के साथ आचार्य संदीप जी डॉक्टर नरेंद्र जी और स्वामी सच्चिदानंद जी पूरे प्रांत का दौरा करेंगे, कार्यशाला संपन्न हो गई।
कार्यशाला में आए सभी प्रतिभागियों की सुंदर आवास एवं भोजन की व्यवस्था के लिए हरियाणा आर्यवीर दल के अधिकारियों का विशेष धन्यवाद किया गया।
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