कमाई देख ले
(तर्ज-कैसे कैसे यह जलवे दिखाए रामजी)
तूने कर ली है कितनी कमाई देख ले।
हुआ फ़ायदा या घाटा ओ भाई देख ले।
तूने कर ली है कितनी कमाई देख ले……
१. कहने को है ऊँची तेरी आलीशान दुकान।
लेकिन इसमें रखे तू ने फीके ही पकवान ।
ऐसे होगी न तेरी भलाई देख ले।
हुआ फ़ायदा या घाटा ओ भाई देख ले……
२. जब तू आया हाट पे तूने कितनी डाली रास।
कितनी अब तक निकल गई और कितनी तेरे पास।
अच्छे कामों में कितनी लगाई देख ले।
हुआ फ़ायदा या घाटा ओ भाई देख ले…..
३. चाहे जन साधारण हों या बड़े बड़े व्यापारी।
कर के अपना लेखा जोखा पाते दौलत भारी।
सारी दुनियाँ में हलचल मचाई देख ले।
हुआ फ़ायदा या घाटा ओ भाई देख ले……
४. जो न देखे सारे दिन की आमदनी और ख़र्चा।
उस बनिए का इस नगरी से कट जाता है पर्चा।
‘पथिक’ जाता है देता दुहाई देख ले।
हुआ फ़ायदा या घाटा ओ भाई देख ले….










