तुझे सूरज कहूँ या चन्दा
तुझे सूरज कहूँ या चन्दा,
तुझे दीप कहूँ या तारा।
मेरा नाम करेगा रोशन,
जग में मेरा राजदुलारा ।।
मेरा घर था खाली-२ छाई थी
अजब उदासी। जीवन था सूना-२
हर आस थी प्यासी-२
तेरे आते ही खुशियों से,
भर गया है जीवन सारा ।।
आज उंगली थाम के तेरी,
तुझे मैं चलना सिखलाऊँ,
कल हाथ पकड़ना मेरा,
जब मैं बूढ़ा हो जाऊँ,
तू मिला तो मैंने पाया,
जीने का एक सहारा।।
जग में० मेरे बाद भी
इस दुनियों में,
जिन्दा मेरा नाम रहेगा,
जो भी तुझको देखेगा,
तुझे मेरा लाल कहेगा,
तेरे रूप में मिल जायेगा,
मुझको जीवन दुबारा ।। जग में०










