तू प्यार अगर अपने प्रभु से करता है
ये बात सच है कि जीवन तेरा सँवरता है ॥ ये बात ॥
जिसे न राग से मतलब न लोभ से सरोकार
वो शक्स त्याग से कर्म निष्काम करता है ॥ ये बात ॥
ये संगी साथी ये नाते न देंगे एक भी साथ
वो इक प्रभु है जो ना तुझसे कभी बिछड़ता है ॥ ये बात ॥
जो तेरी रहमतें हम पर, मैं उससे वाकिफ हूँ
जो कश्ती हाथ में तेरे वही तो को तरता है ॥ ये बात ॥
ये दिल की आरज़ू मुझको कबूल कर लो तुम
ख़याल दिल से जो निकले तो दिल उमड़ता है ॥ ये बात॥
‘ललित’ तू सौंप दे जीवन प्रभुके हाथों में
तेरी मदद तो प्रभु अपने आप करता है ॥ ये बात ॥
(निष्काम) कामना रहित (शक्स) मनुष्य,मानव (रहमत) कृपा, दया










