तेरा जलवा हर शै मैं सदा देखता हूँ
जिधर देखता हूँ तुझे देखता हूँ |
न मन्दिर न मस्जिद न गुरुद्वारा गिरजा
तुझे मन के अन्दर बसा देखता हूँ। जिधर देखता हूँ..
तू ही देवता मेरा तू ही मेरा स्वामी
मैं तुझमे पिता तुझमें सखा देखता हूँ। जिधर देखता हूँ..
मेरे दिल में हरदम बसे याद तेरी
न अपने से तुझको जुदा देखता हूँ। जिधर देखता हूँ..
तर्ज: न पूछो ये मुझसे मैं क्या देखता हूँ










