तन मन से चहुं ओर सदा

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तन मन से चहुं ओर सदा

तन मन से चहुं ओर सदा,
वेदों का डंका बजाया करो ।।
जीव कहां से जग में आए,
लौट कहां फिर जावे,
ईश्वर क्या है सृष्टि क्या है,
वेद हमें समझावे ।
वेद पढ़ो और पढ़ाया करो,
वेद सुनो और सुनाया करो,
सबको यही समझाया करो ।।
वेद सुनो…..

नर व पशु में अंतर क्या है,
किसने जगत् बनाया,
मानव जीवन क्यों मिलता,
वेद में है दर्शाया।
भरम सभी के मिटाया करो ।।
वेद पढ़ो….

वेद सिखावे इस दुनियां में,
क्या जीना क्या मरना,
मात-पिता गुरु इष्ट जनों की,
विधिवत सेवा करना।
भक्ति में मन को लगाया करो।।
वेद सुनो…..

वेद ज्ञान है परमेश्वर का,
ऋषि मुनियों का प्यारा,
सारे जगत में सबसे ऊँचा,
वैदिक धर्म हमारा।
‘पथिक’ ये नारा लगाया करो।।
वेद सुनो…..