बेसहारों का सहारा कौन है संसार में।
बेसहारों का सहारा (तर्ज- हम को भी दे दे सहारा दो जहाँ के बादशाह) बेसहारों का सहारा कौन है संसार […]
बेसहारों का सहारा (तर्ज- हम को भी दे दे सहारा दो जहाँ के बादशाह) बेसहारों का सहारा कौन है संसार […]
प्रेम भाव से मिलकर जग में रहें सभी इनसान । (तर्ज – देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई
काहे को तूने प्रभु नाम न गाया। (तर्ज- पूछो न कैसे मैंने रैन बिताई) काहे को तूने प्रभु नाम न
दुनियाँ में आने वाले ईश्वर गुण गाते जाना। (तर्ज-आया सी स्वामी सुत्ता भारत जगान बदले) दुनियाँ में आने वाले ईश्वर
पत्थर का ईश्वर (तर्ज-चाँदी की दीवार न तोड़ी प्यार भरा दिल तोड़ दिया) कैसी भारी भूल हुई थी क्या दिलों
मुश्किलों से क्या डरना (तर्ज- तेरे नाम दी जपाँ मैं माला ओ शेराँ वाली कर किरपा) हर हाल में प्रभु
सब का पालनहार (तर्ज- नेकी तेरे साथ चलेगी बाबा) सब का पालनहार तू ही है दाता।प्राणों का आधार तू ही
बेड़ा पार न होगा (तर्ज-इस रेशमी पाजेब की झंकार के सदके) संसार में जिसका प्रभु से प्यार न होगा।उसका तो
दिल में रहता है (तर्ज – मैं तेरे दर पे आया हूँ कुछ करके जाऊँगा) वो सब के दिल में
मैं हूँ आत्मा तू परमात्मा मैं हूँ आत्मा तू परमात्मापिता पुत्र का तुम से नाता है।धरती अम्बर को रचने वाला
कर के देख लो (तर्ज-या मेरी मन्जिल बता या ज़िन्दगी को छीन ले) उस प्रभु के न्याय को स्वीकार कर
जपो ओम् ओम् ओम् (तर्ज – बिना बदरा के बिजुरिया कैसे चमके) मेरे मन के गोपाल जपो ओम् ओम् ओम्
ओम् ओम् बोल मनवा (तर्ज – आजा इक वार जोगिया…) १. देख लिया तू ने लाखों योनियों में घूम के।मस्त
हे परमेश्वर दया करो। हे परमेश्वर दया करो।सब के सारे कष्ट हरो। १. सभी जगह दरबार है तेरा।खुला हुआ भण्डार
जिधर देखता हूँ मैं नज़रें उठाकर (तर्ज – हुजूर आते आते बहुत देर कर दी) जिधर देखता हूँ मैं नज़रें