Arya Samaj bhajan

जो ज़िन्दगी पुरुषार्थ के साँचे में ढली है।

पुरुषार्थी बनो (तर्ज-तू हिन्दू बनेगा न मुसलमान बनेगा…) जो ज़िन्दगी पुरुषार्थ के साँचे में ढली है।तूफान का मुँह मोड़ के रख दे...
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इनसान (तर्ज-बहारो फूल बरसाओ) किसी के काम जो आए उसे इनसान कहते हैं।पराया दर्द अपनाए उसे इनसान कहते हैं।किसी के काम जो...
कब जीना आएगा जीने को तू नई से नई चीज़ बनाएगा।दुनियाँ में इनसान तुझे कब जीना आएगा।दुनियाँ में इनसान तुझे…….. १. माना...
पहचान लिया है दुनियाँ की हकीकत को हमने जान लिया है।मतलब के सभी लोग हैं पहचान लिया है। १. हमदर्द यहाँ कौन...
पहले तोलो फिर बोलो (तर्ज - हाय न वस ओये न वस बदला अजे न वस ओये कालेया) पहले अपनी बात को...
हमारे देश की महिमा (तर्ज- हमें तो लूट लिया मिलके हुस्न वालों ने ) हमारे देश की महिमा बड़ी सुहानी है।सब से...
ज्ञान हमको दीजिये ज्ञानदाता ज्ञान हमको दीजियेज्ञान की बातें न ठुकरायें कभी।ज्ञानदाता ज्ञान हमको दीजिये……. १. हम सुने उपदेश को धारण करेंसुन...
हमको रस्ता दिखा दो प्यारे प्रभु । (तर्ज - मेरे मन के गोपाल जपो ओम् ओम् ओम्) हमको रस्ता दिखा दो प्यारे...
जपो ओम् नाम (तर्ज - चलो चलें माँ सपनों के गाओं में) जपो ओम् नाम प्राणों का प्राण है।दुःखों को दूर करे...
भक्तों का नमस्कार (तर्ज - मत्थे ते चमकन वाल मेरे बन्नड़े दे) भक्तों का होवे नमस्कार प्रभु तेरे चरणों में।झुकता है सारा...
वैदिक स्वरूप (तर्ज - ऐ रात के मुसाफ़िर चन्दा जरा बता दे…) ईश्वर को ढूँढने का वैदिक स्वरूप क्या है।अनजान है यह...
धर्म की महिमा अपार (तर्ज-वक्त के दिन और रात वक्त के कल और आज) धर्म की महिमा अपार। धर्म पर ठहरा संसार।धर्म...