Arya Samaj bhajan

ईश्वर से संग जोड़ मानव-ईश्वर से संग जोड़।

ईश्वर से संग जोड़ मानव-ईश्वर से संग जोड़। ईश्वर से संग जोड़ मानव-ईश्वर से संग जोड़।विषयों से मुख मोड़ मानव-विषयों से...
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मन मीत बसा मन में मन मीत बसा मन में,मन के दर्पण को देखा नहीं।कभी निराकार मानाकभी साकार माना,उलझे हैं उलझन...
प्रेमी बनकर प्रेम से प्रेमी बनकर प्रेम से,ईश्वर के गुण गाया कर।मन-मन्दिर में गाफिला,झाडू रोज लगाया कर। देख दया उस परमेश्वर की,वेदों...
मेरा बिछौना ओढ़ना होपवित्र परमेश्वर।मेरा बैठना दौड़ना होपवित्र पमेश्वर……. विजय कृपा अपनी करनाहम सब पर परमेश्वर।हों पवित्र मेरे पड़ोसियों केघर भी...
तुम्हारे दिव्य दर्शन की तुम्हारे दिव्य दर्शन कीमैं इच्छा ले के आया हूँ।पिला दो प्रेम का अमृतपिपासा लेके आया हूँ। 'प्रकाशानन्द' हो...
मेरे देवता मुझको देना सहारा मेरे देवता मुझको देना सहारा-कहीं छूट जाये ना दामन तुम्हारा। तेरे गीत हरदम गाता रहूँ मैं,सुबह-शाम तुझको...
सत्संग से सब प्रेम बढ़ाओ,समय न अपना व्यर्थ गंवाओ।'देश' पिटै ना तालीमहिमा सत्संग की……. सत्संग अन्दर मोती हीरे,मिलते लेकिन धीरे-धीरे।जिसने...
क्या से क्या हो जाए सज्जन संग में। अमीचन्द तज सुरासुन्दरी ऋषिवर वचन सुनाए।पापपंक धो शुद्ध कियामन हीरा बन दिखलाए ॥ पद्म-पत्र...
बड़ी श्रद्धा से सत्संग में आते चलो। बड़ी श्रद्धा से सत्संग मेंआते चलो।मन को विषयों के विष सेहटाते चलो ॥ देखना...
भला करो भगवान् सबका भला करो। आशानन्द जब अन्त समय हो,रोम रोम में ओम् की लय हो।ओ३म् से छूटें प्राण-सबकाभला...
भजन 3 (तर्ज-नगरी-नगरी द्वारे-द्वारे……) सदा फूलता फलता भगवन्,यह याजक-परिवार रहे।रहे प्यार जो किसी से इनका,सदा आपसे प्यार रहे॥ मिथ्या कर अभिमान...
सत्संग भजनावली (तर्ज-रामायण चोपाई) गायक गुणी कवि शायरना राग-रागिनी गाता हूं।यह मानव-मानव बन जाएमैं ऐसा राग सुनाता हूं ॥ भूले जो...