Arya Samaj bhajan
स्वर्ग नगरी रे स्वर्ग नगरी बनिजाय
स्वर्ग नगरी रे स्वर्ग नगरी बनिजाय मेरौ देश-स्वर्ग नगरीगाँधी बाबा देव दयानन्द ऋषि।नींव डाल गये...
मैं तो प्रभु मिलन के काज
मैं तो प्रभु मिलन के काजआज कुछ यतन बनाऊँगी।छोड़ सदा श्रृंगार सादगीको अपनाऊँगी।वेदशास्त्र सद् ग्रन्थनद्वारा...
जो करे पुत्र निर्माण माता सोई।
जो करे पुत्र निर्माण माता सोई।विद्या पढ़ शुभ वृत्ति बनावे,माता के गुण-गण अपनावे।जो करे दूर...
पिताजी ! मुझको जुदा न करना
पिताजी ! मुझको जुदा न करना,रहूँगी कैसे वतन से जाकर।वतन बनेगा वहीं तुम्हारा बड़ोंके चरणों...
कैसा हुशियार आली तुम्हारा बनड़ा।
कैसा हुशियार आली तुम्हारा बनड़ा।आली तुम्हारा बनड़ा तुम्हारा बनड़ा ।।कैसा हुशियार० बचपन से है ब्रह्मचारी,अरे हाँ...
कछु बनि न सक्यौ सत्कार
कछु बनि न सक्यौ सत्कारसजन मिलकर रहियो।भाग्य हमारे बड़े प्रबल थेतुमसे समधी पाये ।।
ऐसे सुजन बराती...
उठो बन्नी करो सेवा यही कर्तव्य तेरा है।
उठो बन्नी करो सेवायही कर्तव्य तेरा है।बनाओ स्वर्ग घर अपनायही कर्तव्य तेरा है।।
पहुँचाओ...
सदा सुखी सम्पन्न हो
सदा सुखी सम्पन्न होजोड़ी अजर अमर।बने प्रेम का धाम स्वर्गसा इनका घर ।।
प्रण किये विवाह...
कुल की परम्परा मर्यादा,निभाये जाना बेटी।
कुल की परम्परा मर्याद,निभाये जाना बेटी।अब सास श्वसुर घर जाओ,मत रोओ और रूलाओ।अपने बचपन का...
लोरी देती तेरी मात
लोरी देती तेरी मात,लाल बन आर्यवीर दिखलाना।पढ़ना गुरूकुल में जा वेद,जानो धर्म कर्म के भेद...
हमारा प्यारा वरना हमारी पौली आया।
हमारा प्यारा वरनाहमारी पौली आया।चाँद जैसी बरनी कीखातिर है बुलवाया ।। हमारा० ।।
धन्य-धन्य है...
इस कुल का ये दीपक प्यारा बालक आयुष्मान् हो।
(तर्ज- नगरी-२ द्वारे-२)
इस कुल का ये दीपकप्यारा बालक आयुष्मान् हो।तेजस्वी वर्चस्वी निर्भयसर्वोत्तम...











