हो रहा गगन विकल।

हो रही धरा विकल,हो रहा गगन विकल।

हो रही धरा विकल,हो रहा गगन विकल। हो रही धरा विकल,हो रहा गगन विकल।इसलिए पड़ा निकल,है आर्यों का वीरदल। अज्ञान अन्धकार को,अन्याय...