हो...अब ना छुपाऊँगा

हो…अब ना छुपाऊँगा

हो...अब ना छुपाऊँगा तर्ज - सपनों में आऊँगी हो... अब ना छुपाऊँगा,सबको बताऊँगा।अपनी जुबां से मैं,गाके सुनाऊँगा।जिसने रचाया संसार,वो दाता है...