हरि भक्ति में मन को रमने दो

हरि भक्ति में मन को रमने दो

हरि भक्ति में मन को रमने दो हरि भक्ति में मन को रमने दोऔर हरि को "हरि" ही बनने दोबहुविध आत्मा...