स्वयं को भी ना जो समझे

स्वयं को भी ना जो समझे

स्वयं को भी ना जो समझे स्वयं को भी ना जो समझेवो यह संसार क्या जाने।।परिदें है अन्धेरों के भलाउजियार क्या...