सुन करके मनन कर फिर आचरण

सुन करके मनन कर फिर आचरण

सुन करके मनन कर फिर आचरण सुन करके मनन कर फिर आचरण,सिद्धान्त श्रेष्ठ सर्व विध्न हरण,जो सुख चाहे और दुख से...