सारे जहाँ के वाली।

प्रणाम कोटि-कोटि, सारे जहाँ के वाली।

ईश महिमा प्रणाम कोटि-कोटि, सारे जहाँ के वाली।अद्भुत है तेरी रचना, हर शै तेरी निराली।। कण-कण में तू व्यापक, सूक्ष्म है रूप...