सदाचार से प्रीत रही ना

सदाचार से प्रीत रही ना

सदाचार से प्रीत रही ना सदाचार से प्रीत रही नायूं भारत निर्बल हो गयानहीं किसी का प्यार किसी कोगांठ गांठ में...