सत्संग
“शब्द ब्रह्माणि निष्णातः परमं ब्रह्माधिगच्छति।”
अर्थात् — जो व्यक्ति शब्द-ब्रह्म (वेद) का ज्ञान प्राप्त करता है, वह परब्रह्म अर्थात् परमेश्वर को...
सत्संग
चल सत्संग में, रंग जा रंग में,हंस-हंस जीवन जी ले।अमृत बरसे, फिर क्यों तरसे,प्याले भर-भर पी ले।।
सत्संग में कर दे...
सत्संग
चल सत्संग में, रंग जा रंग में,हंस-हंस जीवन जी ले।अमृत बरसे, फिर क्यों तरसे,प्याले भर-भर पी ले।।
सत्संग में कर दे...
सत्संग
अब यहाँ सत्संग सजाया जाएगा।ऋषियों का सन्देश सुनाया जाएगा।मीठा-मीठा साज बजाया जाएगा।और मधुर संगीत सुनाया जाएगा।अब यहाँ सत्संग………..(1)
मत करना यह...
सत्संग
बहे सत्संग की गंगा,अरे मन चल नहा आएं।बुझी ज्योति जो जीवन की,उसे फिर से जगा आएं।।
यही बेला है कर ले...
सत्संग
सत्संग वाली नगरी चल रे मना,पी सज्ञान का जल रे मना,सत्संग वाली नगरी…. (1)
इस नगरी में ज्ञान की गंगा,जो भी...
सत्संग
वेद ज्ञान के हीरे मोती,मैं बिखराऊँ सत्संग में।लूट सके तो लूट ले,'प्रेमी' आज सुनाऊँ सत्संग में।।
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर जो,ओ३म्...
सत्संग
जिस तरह भी हो सके,सत्संग में आना चाहिए।प्रेम से नित ईश के,गुणगान गाना चाहिये।।मन की शुद्धि के लिये,ईश्वर की कर...
सत्संग
जहाँ सत्संग होता है,वहाँ पर नित्य जाओ तुम।हमें फुरसत नहीं कहकर,यह मौका मत गंवाओं तुम।
अरे सत्संग करने की,ना कोई उम्र...
सत्संग
सत्संग नहीं करेगा,प्रभु को नहीं भजेगा।प्रभु के बिना ये जीवन,सूना पड़ा रहेगा।।
एक दिन का है यह बचपन,दो दिन है तेरा...
सत्संग
सदा जो सुसंगत में आते रहेंगे।विवेकी स्वयं को बनाते रहेंगे।।मिलेगी नहीं शान्ति उनको कभी भी।जो परमात्मा को भुलाते रहेंगे।।
बनेंगे कभी...
सत्संग
सत्संग ही स्वर्ग का द्वार है।चारों वेदों का यही सार है।।सत्संग ही मानव को उठाता है,बुरी संगत से बचाता है।दूर...











